रंगों से बदल सकती है ग्रहों की बिगड़ी चाल, क्या आप जानते हैं?

12/3/2019 12:36:20 PM

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
वास्तु शास्त्र की मानें तो घर-दुकान आदि को अलग-अलग ढंग से ग्रह नियंत्रित करते हैं। इसीलिए कहा जाता है ये अति आवश्यक है कि हर किसी को इन ग्रहों के शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में पता हो। मगर आज कल के मार्डन जमाने में लोगों को ज्योतिष व वास्तु शास्त्र से जुड़ी अधिक जानकारी नहीं है। जिस कारण वो इन ग्रहों से होने वाले किसी भी तरह के प्रभाव को समझने में असमर्थ होते हैं। तअगर आप भी इन लोगों की गिनती में आते हैं तो चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप अपने घर आदि को प्रभावित करने वाले ग्रहों को कैसे रंगों के प्रयोग से मज़बूत कर सकते हैं।

मगर ध्यान रखें अगर इन रंगों का चयन गलत हो जाए तो घर में सुख-शंत आने की बजाए घर की सुख-समृद्धि चली जाती है। इतना ही नहीं बल्कि घर के साथ-साथ जीवन में तमाम वो परेशानियां आने लगती हैं जिसका कोई अपने ऊपर साया भी पढ़ने नहीं देना चाहता। इसलिए इन रंगो का प्रयोग करने से पहले इनके सही गलत की अच्छे पहचान कर लें।

कैसा हो घर के मुख्य द्वार का रंग-
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार सूर्य से संबंधित होता है। इसलिए इस का रंग लालिमा या पीलापन लिए हुए होना चाहिए। अगर यहां काले रंग का प्रयोग किया जाए तो इससे घर में रहने वाले सभी लोगों को इसके अशुभ प्रभाव से जूझना पड़ सकता है। साथ ही बता दें इस स्थान पर प्रकाश की भी उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए।
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कैसा हो लिविंग एरिया-
माना जाता है यह स्थान चंद्रमा से संबंधित होता है। इसलिए इस स्थान का रंग हमेशा चमकदार होना चाहिए। जैसे हल्का पीला, गुलाबी और बैंगनी। इसके अलावा यहां सफ़ेद रंग का भी इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बता दें कोशिश करें कि यहां कभी लाल और नीले रंग का प्रयोग न करें, वरना अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

कैसी हो रसोई का रंग-
ज्योतिष विद्वानों की मानें तो घर का ये मुख्य स्थान मंगल तथा कुछ अर्थों में सूर्य का होता है। यहां पीले और नारंगी रंग का इस्तेमाल शुभ होता है। इसके अलावा कहा जाता है कि यहां सूर्य का प्रकाश आना अति आवश्यक है। वास्तु विशेषज्ञ की मानें तो इस स्थान पर गाढ़े रंगों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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कैसा हो शयनकक्ष का रंग-
बेडरूम व शयनकक्ष को शुक्र और शनि से संबंधित माना जाता है। वास्तु के अनुसार इस स्थान पर ठंडे रंगों का प्रयोग करना चाहिए जैसे गुलाबी, हल्का हरा और क्रीम रंग। ध्यान रहे यहां लाल और नीले रंग प्रयोग न करें, अशुभ माना जाता है।

कैसा हो बाथरूम का रंग-
बाथरूम को राहु और केतु से संबंधित माना गया है। बताया जाता है कि इस स्थान पर जलीय रंगों का प्रयोग लाभकारी होता है। संभव हो तो यहां पर नीले या सफेद रंग का प्रयोग करें साथ ही साथ यहां प्रकाश की अच्छी व्यवस्था करें।
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Jyoti

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