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सैक्टर-53 हाऊसिंग स्कीम : प्रॉफिट हटा कम किये फ्लैट्स के रेट

2019-11-26T11:09:13.463

चंडीगढ़ (राजिंद्र): चंडीगढ़ हाऊसिंग बोर्ड ने सैक्टर-53 स्थित हाऊसिंग स्कीम से अपना प्रॉफिट हटा दिया है और स्कीम के तहत बनने वाले फ्लैट्स के रेट कम कर दिए हैं। इसके साथ ही पहले जो एच.आई. फ्लैट्स लोगों को 1.80 करोड़ रुपए में पडऩा था, वह अब 1.63 करोड़ रुपए में पड़ेगा। बोर्ड के चेयरमैन की तरफ से इस प्रस्ताव को अप्रूवल दे दी गई। साथ ही बोर्ड ने डिमांड सर्वे की डेट को भी 31 दिसम्बर तक के लिए बढ़ा दिया है। 

 

बोर्ड के चेयरमैन अजोय कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्होंने फ्लैट्स के रेट्स  कम करने के प्रस्ताव को अप्रूवल दे दी है। इसका प्रॉफिट हटाने के संबंध में ही बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार किया था, क्योंकि इससे पहले सी.एच.बी. बोर्ड ऑफ डायरैक्टर्स की मीटिंग में सदस्यों ने मांग की थी कि इस स्कीम से बोर्ड को प्रॉफिट हटाने पर विचार करना चाहिए। 

 

पिछले वर्ष जुलाई माह की शुरुआत में इस प्रोजैक्ट के लिए इन्वार्यमैंट क्लीयरैंस मिली थी, जिसके बाद ही बोर्ड स्कीम लांच करने का प्रयास कर रहा था लेकिन कई कारणों के चलते इसमें देरी होती गई। बोर्ड ने 11 एकड़ भूमि पर अलग-अलग कैटेगरी के 492 के करीब फ्लैट्स का निर्माण करना है।

 

नए प्रस्ताव के तहत फ्लैट्स की ये होगी कीमत  
हाऊसिंग बोर्ड की सैक्टर-53 की हाऊसिंग स्कीम में ई.डब्ल्यू.एस. के 80, वन रूम के 120, टू बैडरूम के 100 और थ्री बैडरूम के 192 फ्लैट्स तैयार किए जाएंगे। नए रेट के तहत ई.डब्ल्यू.एस. को छोड़कर बाकी सभी कैटेगरी के फ्लैट्स के कीमत में कमी आई है। जिस एच.आई.जी. फ्लैट की कीमत बोर्ड ने करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपए तय की थी, वह अब 1.63 करोड़ रुपए में पड़ेगा। 

 

इसी तरह टू बैडरूम फ्लैट की कीमत अब 1 करोड़ 47 लाख रुपए की जगह 1 करोड़ 36 लाख रुपए हो गई है। वन बैडरूम फ्लैट्स की कीमत करीब 95 लाख रुपए की जगह 90 लाख रुपए हो गई है। ई.डब्ल्यू.एस. फ्लैट की कीमत पहले की तरह 50 लाख रुपए ही होगी। वहीं, तीनों कैटेगरी की डिपॉजिट राशि में भी एक-एक लाख रुपए की कमी आई है। 

 

डिमांड सर्वे की भी डेट बढ़ाई 
बोर्ड डिमांड सर्वे की डेट भी बढ़ा दी है। बता दें कि बोर्ड ने 20 सितम्बर, 2019 से ये सर्वे शुरू किया था, जो 21 अक्तूबर को समाप्त होना था लेकिन उसके बाद बोर्ड ने इसकी डेट आगे बढ़ा दी थी। इसी तरह अब डिमांड सर्वे की डेट 30 नवम्बर से बढ़ाकर 31 दिसम्बर कर दी गई है। बोर्ड द्वारा ये सर्वे इसलिए करवाया जा रहा है, ताकि पता चल सके कि लोग ये महंगे फ्लैट्स लेने के लिए तैयार है या नहीं। सर्वे में अप्लाई करने के लिए ऊपरी तीनों कैटेगरी के लिए 10 हजार रुपए और ई.डब्ल्यू.एस. कैटेगरी के लिए 5 हजार रुपए फीस निर्धारित  की गई है, जिसे बाद में बोर्ड द्वारा एडजस्ट कर दिया जाएगा। 


pooja verma

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