श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा : मनोहर लाल

2021-04-08T19:46:24.953

चंडीगढ़, (बंसल): हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 मई, 2021 को देश और दुनिया भर में भव्य समारोह आयोजित किए जाएंगे, उस दिन हरियाणा सरकार श्री गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी पर तैयार एक कॉफी टेबल बुकलेट जारी करेगी। मनोहर लाल ने कहा कि इस ऐतिहासिक उत्सव को धूमधाम से मनाने के लिए कार्यक्रमों की शृंखला शुरू की गई है। मुख्यमंत्री आज वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी की 400वीं जयंती को मनाने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री संदीप सिंह भी उपस्थित थे।

 


‘मोदी से प्रकाश उत्सव यात्रा में हरियाणा के स्थलों को भी शामिल किए जाने किया आग्रह’
मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा श्री गुरु तेग बहादुर जी के साथ एक विशेष बंधन सांझा करता है। गुरु जी ने जींद जिले, जिसे उनकी राजधानी के रूप में जाना जाता है, से लोहगढ़ तक की यात्रा की थी। राज्य के युवाओं को श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश उत्सव पर जिस यात्रा का आयोजन किया जाएगा, उसमें हरियाणा के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थानों जो श्री गुरु तेग बहादुर जी से संबंधित हैं को शामिल किया जाए।


‘बढख़ालसा में भाई कुशाल सिंह की प्रतिमा स्थापित कर मैमोरियल बनाया’ 
कश्मीरी पंडितों के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान की कहानी को सांझा करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि जब भाई जीवन सिंह गुरु तेग बहादुर जी के शीश को आनंदपुर साहिब ले जाते हुए सोनीपत पहुंचे, उस समय मुगलों की सेना से बचने के लिए सोनीपत के गांव बडख़ालसा के भाई कुशाल सिंह ने भाई जीवन सिंह को अपने सिर की पेशकश करते हुए कहा था कि उनकी शक्ल गुरु जी से मिलती है, तो मेरे सिर को मुगलों की सेना को सौंप दें ताकि श्री गुरु तेग बहादुर जी के शीश को आनंदपुर साहिब ले जाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाई कुशाल सिंह के इस महाबलिदान को सदैव याद रखा जाएगा और उनकी याद में राज्य सरकार ने बढख़ालसा में भाई कुशाल सिंह की प्रतिमा स्थापित की है तथा मैमोरियल भी बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण डिजिटल तरीके से भी समारोह आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे के संदेश का प्रचार करने के लिए सरकार राज्यभर में धार्मिक गुरुओं, संतों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी जयंती को बड़े स्तर पर मनाती है। 


News Editor

Vikash thakur

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