‘हरियाणा में केवल दावों की सरकार : शैलजा’

2021-07-26T20:32:40.493

चंडीगढ़, (बंसल): हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कु.शैलजा ने कहा कि हरियाणा में केवल दावों की सरकार है। मूलभूत सुविधाओं का जिक्र आते ही वह मुंह फेर लेती है, लोगों को भगवान भरोसे छोड़ देती है। कोरोना काल इसका सबसे बड़ा  उदाहरण है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल सबसे खराब और चिंताजनक है। जींद जिले का उदाहरण इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

 


शैलजा ने कहा कि जींद जिले के मुआना स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती महिला तीन घंटे बेंच पर तड़पती रही, न डाक्टर मिला, न नर्स। कोई अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी नहीं था। फोन करने के बावजूद एम्बुलैंस समय पर नहीं आई। बेंच पर ही प्रसव हो गया और नवजात की मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य केंद्र में केवल दो सफाईकर्मी थे।
उन्होंने कहा कि इस घटना ने बेहतर सेवाओं का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार की पोल खोल दी है। सरकार जुमलों से हटकर आकलन करे कि स्वास्थ्य  सेवाओं की वास्तविक तस्वीर क्या है? हर बार तथ्यों को छिपाकर हकीकत पर झूठ का आवरण चढ़ाने की कोशिश की जा रही है।


‘बड़ी संख्या में उपस्वास्थ्य, प्राथमिक और सामुदायिक केंद्रों की कमी’ 
शैलजा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) के मानकों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में पांच हजार की आबादी पर एक उपस्वास्थ्य केंद्र, 30 हजार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  और 80 हजार से 1.20 लाख की आबादी पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। मानकों का पालन नहीं हो रहा। बड़ी संख्या में उपस्वास्थ्य, प्राथमिक और  सामुदायिक केंद्रों की कमी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि जो स्वास्थ्य केंद्र चालू हैं उनमें भी मैडीकल स्टाफ की भारी कमी है। स्पैशलिस्ट डाक्टरों के 90 प्रतिशत पद खाली हैं। सुपर स्पैशलिस्ट डाक्टर एक भी सरकारी अस्पताल में दिखाई नहीं देता। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के 60 फीसदी तक पद रिक्त हैं। 


स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और मल्टीपर्पज हैल्थ वर्कर्स के पद भी बड़ी संख्या में खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है। वह मुंगेरी लाल के सपनों से बाहर ही नहीं आना चाहती। 
 


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News Editor

Vikash thakur

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