वर्ष 2025 में मारुति के खरखौदा प्लांट में बनेगी पहली कार : दुष्यंत चौटाला

punjabkesari.in Sunday, May 15, 2022 - 08:27 PM (IST)

चंडीगढ़, (बंसल): हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बीते एक वर्ष के भीतर प्रदेश में करीब 28 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। खरखौदा में भी मारुति-सुजुकी ने 900 एकड़ में अपना प्लांट स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिसका विशेष लाभ क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा। डिप्टी सी.एम. आज खरखौदा की नई अनाज मंडी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मारुति-सुजुकी खरखौदा में वर्ष 2025 मेंं पहली गाड़ी का निर्माण आरंभ करेगी। यहां 100 एकड़ में सुजुकी मोटरसाइकिल बनाएगी और 800 एकड़ में मारुति इलैक्ट्रिक गाडिय़ां बनाएगी।

 

मारुति उद्योग में करीब 11 हजार तथा सुजुकी के मोटरसाइकिल उद्योग में लगभग 3000 युवाओं को रोजगार मिलेगा। निजी क्षेत्र में हरियाणा के युवाओं को आरक्षण देने के लिए बनाए गए कानून के चलते 75 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मारुति-सुजुकी का मदर प्लांट स्थापित होगा, जिसके सहारे अनेक छोटी औद्योगिक इकाइयां भी स्थापित होंगी। आने वाले 5 वर्षों में खरखौदा को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर अलग पहचान मिलेगी। गुरुग्राम की तर्ज पर खरखौदा के विकास को गति दी जा रही है। 

 


8000 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका 
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पहले किसानों को उनकी फसलों का भुगतान देरी से मिलता था, किंतु अब तुरंत प्रभाव से भुगतान किया जाता है। अब तक करीब 8000 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फसल खरीद 15 मई तक की जानी थी, किंतु किसानों के हित में अब 28 से 30 मई तक मंडियां खोली जाएंगी। किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद एम.एस.पी. पर की जाएगी। फसल खराबे के पैसे के लिए भी पहले किसानों को दिक्कतें आती थी, क्योंकि पटवारी की गिरदावरी पर ही मुआवजा निर्भर करता था, जिसमें 25 प्रतिशत खराबा होने पर ही मुआवजा मिलता था।

 


पोर्टल पर खराब फसल का ब्यौरा अपलोड करने का अधिकार दिया जाएगा 
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि पोर्टल बनाकर किसानों को भी उनकी खराब फसल का ब्यौरा अपलोड करने का अधिकार दिया जाएगा। वैरीफिकेशन पटवारी ही करेंगे, लेकिन किसान अपनी फसलों के खराबे की सूचना अंकित कर सकेंगे, जिससे पारदॢशता को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार किसान को ताकत देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेतों में आग लगने पर बिजली का शॉर्ट सॢकट के कारण होने पर ही मुआवजा मिलता था, लेकिन भविष्य में कानून बनाकर आग लगने की स्थिति में मुआवजे का प्रावधान किया जाएगा।


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News Editor

Ajay Chandigarh

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