जिन वैंडरों के पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड नहीं, अब उन्हें भी मिलेंगे लाइसैंस

2020-10-25T19:40:39.507

चंडीगढ़, (राजिंद्र शर्मा): चंडीगढ़ नगर निगम ने स्ट्रीट वैंडरों को लेकर शहर में रजिस्ट्रेशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इसके तहत उन वैंडरों को भी लाइसैंस जारी किए जाएंगे, जिनके पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड नहीं है। इसके लिए वैंडरों को 31 अक्तूबर तक अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और रजिस्ट्रेशन के लिए निगम की तरफ से वार्ड वाइज सूची जारी कर दी गई है, जिसके तहत ही अलग-अलग दिन सभी वार्ड के वैंडर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस संबंध में निगम के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016 में वैंडरों का सर्वे करवाया था, जिसके बाद ही चंडीगढ़ के एड्रैस वाले वैंडरों को लाइसैंस जारी किए गए थे लेकिन जिन लोगों के पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड नहीं था, उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया था। अब ऐसे सभी वैंडरों को ही लाइसैंस जारी करने के लिए उन्होंने रजिस्ट्रेशन का दूसरा चरण शुरू किया है। 

 


सर्वे में 21,621 के करीब वैंडर आए थे सामने 
निगम ने पूरे शहर में वैंडरों का जो सर्वे करवाया था, उसमें 21621 वैंडर सामने आए थे लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय आधे वैंडर भी आगे नहीं आए थे। यही कारण है कि 9172 वैंडरों ने अपने आप को रजिस्टर्ड करवाया है, जिससे निगम को 1.30 करोड़ रुपए के करीब राजस्व प्राप्त हुआ था। निगम शहर के अलग-अलग सैक्टरों में वैंडिंग जोन में इन वैंडरों को जगह अलॉट कर चुका है। 9172 वैंडरों का रजिस्ट्रेशन करने के बाद 12,449 के करीब वैंडर बचे हैं। इनमें कई वैंडरों के पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड है लेकिन वे रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं है। लेकिन अब जिन वैंडरों के पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए ही रजिस्ट्रेशन करवाने का ये मौका है। 
निगम कार्यालय में करवा सकते हैं रजिस्ट्रेशन  
निगम ने जो सूची जारी की है, उसके तहत वार्ड नंबर 6, 7, 8, 9 और 10 के वैंडर 26 अक्तूबर को निगम कार्यालय के वैंडर सैल में सुबह 10.30 से लेकर 3 बजे तक अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 11, 12, 13, और 14 के वैंडर 27 अक्तूबर को रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर 15, 16, 17 और 18 के वैंडर 28 अक्तूबर, वार्ड नंबर 19, 20, 21 और 22 के वैंडर 29 अक्तूबर और वार्ड नंबर 23, 24, 25 और 26 के वैंडर 31 अक्तूबर को अपना रजिस्टे्रशन करवा सकते हैं। 

अभी भी बिना लाइसैंस बैठे वैंडर 
शहर की कई मार्कीट्स में अभी भी बिना लाइसैंस वैंडर बैठे हैं, जिसके चलते दुकानदारों और लाइसैंस धारक वैंडरों में भी काफी रोष है। लाइसैंस धारक वैंडरों का कहना है कि वे वैंडिंग के लिए निगम को फीस दे रहे हैं, वहीं बिना रजिस्ट्रेशन भी वैंडर काम कर रहे हैं। इससे पहले ऑडिट रिपोर्ट में भी वैंडर्स को लेकर निगम की ढीलीकार्रवाई पर सवाल खड़े किए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि स्कीम को लेट तैयार करने केचलते स्ट्रीट वैंडर एक्ट के सभी काम लटकगए, जिसके चलते चंडीगढ़ में इसे लागू करने में भी देरी हुई।


Edited By

AJIT DHANKHAR

Recommended News