CTU कंडक्टर भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी के मामले में 3 दोषी करार

1/15/2020 4:10:08 PM

चंडीगढ़(संदीप) : सी.टी.यू. (चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग) में कंडक्टर भर्ती के लिए वर्ष 2010 में हुई परीक्षा के दौरान अपने स्थान पर किसी अन्य से परीक्षा दिलवाने और नकल करने में उसकी सहायता करने के मामले में जिला अदालत ने 3 को दोषी करार दिया है जबकि साक्ष्यों के अभाव में एक को बरी किया है। 

अदालत ने केस में हरियाणा स्थित सोनीपत निवासी राजिंद्र, संजय और संदीप को दोषी करार दिया है जबकि साक्ष्यों के अभाव में नवीन को बरी किया है। तीनों दोषियों को अदालत शुक्रवार को सजा सुनाएगी। सी.बी.आई. ने सैक्टर-23 स्थित सरकारी स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र में चारों को काबू किया था। 

सी.बी.आई. ने वर्ष 2010 में किया था सभी को गिरफ्तार :
सी.बी.आई. द्वारा दर्ज किए गए केस के अनुसार वर्ष 2010 में सी.टी.यू. ने कंडक्टर के पदों पर भर्ती करने के लिए विज्ञापन जारी किया था। आवेदकों का 3 अक्तूबर, 2010 को चंडीगढ़ के विभिन्न स्कूलों में एग्जाम होना थी। इस दौरान सी.बी.आई. को सूचना मिली थी कि इन परीक्षाओं में नकल हो रही है। 

कई जगहों पर कई परीक्षार्थियों के स्थान पर दूसरे व्यक्ति परीक्षा दे रहे हैं। सी.बी.आई. की टीम सैक्टर-23 स्थित सरकारी मॉडल स्कूल में पहुंची और वहां संजय को काबू कर लिया। जांच में सामने आया कि वह राजिंद्र की जगह पर परीक्षा दे रहा था। 

सी.बी.आई. ने जब संजय से पूछताछ की तो उसने बताया कि परीक्षा केंद्र के बाहर कार में बैठा हुआ संदीप नकल करने में उसकी सहायता कर रहा था। सी.बी.आई. ने संजय, राजिंद्र और संदीप को गिरफ्तार किया था। 

जांच में सामने आया था कि संदीप ने नवीन के साथ मिलकर यह सारी साजिश रची थी। नवीन ने ही असली आवेदक रजिंद्र की जगह पर संजय को परीक्षा देने के लिए तैयार किया था। इसके लिए साढ़े चार लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। नवीन ने एडवांस के एक लाख रुपए राजिंद्र से लेकर संदीप तक पहुंचा भी दिए थे। इसके बाद यह राशि सभी में बांटी भी गई थी। 


Priyanka rana

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