आढ़ती के दो सगे भाइयों ने धोखाधड़ी कर पत्नियों और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए दो करोड़

2021-07-25T00:22:57.053

पंचकूला/रायपुररानी, (मुकेश/रामेंद्र): रायपुररानी की अनाजमंडी में आढ़त का काम करने वाले संजय सिंघल ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि जिन दो सगे भाइयों नितिन सिंगला व हर्ष सिंगला को वह अपनी आढ़त की फर्मों में अकाऊंटैंट रख रहे हैं, वे उनके साथ विश्वासघात कर करीब दो करोड़ रुपए अपनी पत्नियों और अन्य रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर उनके साथ धोखाधड़ी को अंजाम देंगे। 

 


रायपुररानी थाना पुलिस ने संजय सिंघल की शिकायत पर आरोपी नितिन सिंगला, हर्ष सिंगला, नितिन की पत्नी दुर्गा रानी, हर्ष की पत्नी निशा, नितिन व हर्ष की मां मधु सिंगला और श्वेता के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत एफ.आई.आर. दर्ज की है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।


सी.ए. से ऑडिट करवाया तो पकड़ी गई धोखाधड़ी
शिकायतकत्र्ता संजय सिंघल निवासी रायपुररानी ने पुलिस को बताया कि उनकी कस्बे की अनाजमंडी में दुकान नंबर 77-78 में दो आढ़त की फर्में हैं। एक विनोद कुमार एंड संस और दूसरी लाल चंद विनोद कुमार के नाम से हैं। उन्होंने अपनी फर्मों के खातों के हिसाब-किताब, सारे कामकाज के लिए अपने दो सगे भाइयों नितिन सिंगला व हर्ष सिंगला को रखा हुआ था। वे दोनों 10-12 साल से फर्मों के लेन-देन का हिसाब रखते थे। 


किसानों ने की थी शिकायत 
शिकायकत्र्ता ने बताया कि 2-3 महीनों से उन्हें किसानों की तरफ से शिकायत मिल रही थी कि उनके मैनेजर और अकाऊंटैंट बिना किसी माल की प्राप्ति के उनके हक में अपने व अपने परिवार के सदस्यों के नाम चैक जारी कर हेराफेरी कर रहे हैं। उन्हें दोनों भाइयों पर शक हुआ और दोनों फर्मों का सी.ए. से ऑडिट करवाया। 
ऑडिट में सामने आया कि नितिन और हर्ष ने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ मिलीभगत कर फर्म के खातों से लगभग दो करोड़ का गबन किया गया है। 29 जून, 2021 को उन्होंने नितिन और हर्ष से इस बारे में पूछताछ की तो दोनों ने अपनी गलती मान ली और धोखाधड़ी करने का सारा तरीका बताया। जब उन्होंने उनसे पैसे वापस मांगे तो 30 जून को नितिन की पत्नी के खाता से 5 लाख फर्म में वापस जमा कर दिए। 


पैसे देने से मुकरे, धमकियां दी
7 जुलाई को नितिन और हर्ष ने 50 लाख की एफ.डी. कैश करवाकर रकम फर्म में ट्रांसफर करवा दी। शिकायतकत्र्ता ने बताया कि नितिन ने गबन के बारे लिखित में अपनी गलती स्वीकार की और जल्द ही पैसा वापस करने का भरोसा दिलाया। अगले ही दिन नितिन सिंगला पंचकूला के पारस अस्पताल में दाखिल हो गया। 
तीन-चार दिन बीतने के बाद जब संजय को रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने नितिन और उसके परिवार के सदस्यों की बैंक में जाकर स्टेटमैंट देखी तो वह हैरान हो गए। नितिन के परिवार के सदस्यों के खातों में से 5 से 8 जुलाई के बीच 8 लाख रुपए चंडीगढ़ टूर ट्रैवल फर्म के खातों में और करीब 26 लाख रुपए उनकी बहन के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद नितिन और हर्ष पैसे देने से मुकर गए और धमकियां देने लगे। 


हैफेड से सीधे परिवार के खातों में डलवाए पैसे
जिन किसानों की फसल आढ़ती के पास आती है, उसमें से कुछ फसल सरकारी एजैंसियां यानि हैफेड को सप्लाई की जाती है, जिसका किसानों के नाम से जे-फार्म आढ़ती द्वारा सरकारी एजैंसी को जारी किया जाता है। सरकारी एजैंसी जे-फार्म में लिखे नामों के लोगों के हक में फसल की रकम की अदायगी उनके खातों के माध्यम से सीधा कर देती है। शिकायतकत्र्ता को पता चला कि किसानों द्वारा उनकी फर्म पर दी गई फसल के जे-फार्म अपने परिवार के सदस्यों यानि दुर्गा रानी, निशा, मधु व अन्य के नाम पर फर्जी तैयार करके हैफेड को जारी कर दिए और उसकी रकम पारिवारिक सदस्यों के हक में जारी करवा ली। नितिन सिंगला व हर्ष सिंगला व उनके परिवार के सदस्यों के पास एक एकड़ भी कृषि योग्य भूमि नहीं है।


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News Editor

ashwani

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