WPI Data April 2026: ईंधन और कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी WPI महंगाई, अप्रैल में 8.3% पहुंची

punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 12:33 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः देश में अप्रैल 2026 के दौरान थोक महंगाई दर (WPI Inflation) तेज़ी से बढ़कर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई। मार्च में यह दर 3.88 प्रतिशत थी। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ईंधन, कच्चे तेल और धातुओं की कीमतों में भारी उछाल इसकी मुख्य वजह रहा।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) बढ़कर 167 पर पहुंच गया, जो मार्च में 160.8 था। महीने-दर-महीने आधार पर थोक महंगाई 3.86 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मार्च में यह बढ़ोतरी 1.52 प्रतिशत थी।

ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र में सबसे ज्यादा उछाल

फ्यूल एंड पावर सेक्टर में महंगाई सबसे ज्यादा बढ़ी। अप्रैल में इस श्रेणी की महंगाई दर 24.71 प्रतिशत रही, जो मार्च में केवल 1.05 प्रतिशत थी। फ्यूल एंड पावर इंडेक्स बढ़कर 181.7 पर पहुंच गया, जो मार्च में 153.7 था। खनिज तेल की कीमतों में अकेले 29.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पेट्रोल की महंगाई दर सालाना आधार पर 32.4 प्रतिशत रही, जबकि हाई-स्पीड डीजल (HSD) में 25.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं कच्चे पेट्रोलियम की महंगाई 88.06 प्रतिशत तक पहुंच गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण विभिन्न क्षेत्रों की लागत बढ़ी है, जिससे थोक महंगाई पर दबाव बना।

प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई 9% के पार

प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई अप्रैल में बढ़कर 9.17 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 6.36 प्रतिशत थी।
कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में महीने-दर-महीने 16.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 1.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सब्जियों की महंगाई दर अप्रैल में 0.53 प्रतिशत रही, जबकि मार्च में यह 1.45 प्रतिशत थी। प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर गिरावट जारी रही, हालांकि गिरावट की रफ्तार कुछ धीमी हुई।
दूध की महंगाई दर 2.56 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि अंडा, मांस और मछली श्रेणी में महंगाई 6.68 प्रतिशत रही।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी बढ़ी महंगाई

विनिर्मित उत्पादों की महंगाई अप्रैल में बढ़कर 4.62 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 3.39 प्रतिशत थी। बेसिक मेटल्स, टेक्सटाइल, केमिकल्स और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बेसिक मेटल्स की महंगाई 7 प्रतिशत और टेक्सटाइल क्षेत्र की महंगाई 7.3 प्रतिशत रही। केमिकल और केमिकल प्रोडक्ट्स की महंगाई बढ़कर 5.09 प्रतिशत पर पहुंच गई। WPI के तहत आने वाले 22 मैन्युफैक्चरिंग समूहों में से 21 समूहों में अप्रैल के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

खाद्य महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित

WPI फूड इंडेक्स अप्रैल में बढ़कर 2.31 प्रतिशत रहा, जो मार्च में 1.85 प्रतिशत था। हालांकि खाद्य महंगाई में कुछ बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह ईंधन आधारित महंगाई की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही।

 


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Content Writer

jyoti choudhary

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