कोरोना काल में टमाटर ने किया लोगों को लाल, कई शहरों में पहुंचा 70 के पार

2020-07-04T13:28:04.277

नई दिल्लीः कोरोना काल में वैसे ही आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है, ऐसे में टमाटर के भाव आसमान में पहुंचने को उतारू हैं। महज कुछ दिन पहले ही 10-15 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर अभी 70-90 रुपए किलो तक चला गया है। यही नहीं अन्य हरी सब्जियां और आलू ने भी उसी के पीछे-पीछे चलना शुरू कर दिया है। ऐसे में क्या खाएं लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। 10-15 दिनों के भीतर ही टमाटर के रेट ऐसे आसमान पर पहुंचे हैं। गृहिणियों का कहना है कि चाहे वैज बनाएं या नॉन वैज सभी में टमाटर की जरूरत पड़ती है। 

कुछ महिलाओं का कहना है कि सब्जियों की महंगाई ने तो उनकी रसोई का बजट ही बिगाड़ दिया। उनका कहना है कि एक तो कोरोना के कारण वेतन में कटौती हो रही है और ऊपर से महंगाई की मार के कारण वे बहुत परेशान हैं

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बरसात और डीजल का है मिला-जुला असर 
एक आढ़ती का कहना है कि पहले टमाटर गुजरात से खूब आता था। बरसात शुरू होने से वहां से आवक कम हो गई है। ऐसे में शिमला से आने वाले टमाटर के भरोसे हैं। शिमला वाला टमाटर भी कम ही आ रहा है। साथ ही डीजल महंगा होने से भाड़ा भी बढ़ गया है इसलिए अच्छे टमाटर का थोक रेट ही 50 रुपए से ज्यादा हो गया है। ऐसे में खुदरा में तो कीमत और बढ़ेगी ही। सब्जी दुकानदारों का कहना है कि बरसात शुरू होने से हरी सब्जी की खेती पर नुक्सान पहुंचा है, इसलिए आवक कम हो गई है।

Okra (Abelmoschus esculentus)

आलू भी दिखा रहा तेवर
टमाटर की देखा-देखी आलू ने भी तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। अभी पिछले सप्ताह जो आलू 20 रुपए किलो मिल रहा था वह 30 रुपए किलो हो गया है। चिपसोना आलू 35 से 40 रुपए किलो तक बेचा जा रहा है। ठेले वाले का कहना है कि मंडी में ही आलू 1,300 रुपए बोरी पर बिक रहा है। एक बोरी में 48 से 50 किलो आलू निकलता है। ऐसे में महंगा नहीं बेचें तो क्या करें। 

मौसमी सब्जी भी हुई महंगी 
इस समय भिंडी का दाम 30 से 40 रुपए किलो, शिमला मिर्च 60 से 80 रुपए किलो, फ्रैंच बीन 60 से 80 रुपए, फूल गोभी 40 से 60 रुपए प्रति किलो के भाव मिल रही है। पिछले सप्ताह तक 10 रुपए किलो मिलने वाली तोरी भी अब 20 से 30 रुपए किलो हो गई है। इसी तरह बैगन भी 30 रुपए किलो, कद्दू 20 रुपए किलो बिकने लगा है।  


jyoti choudhary

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