SIP का क्रेज पड़ रहा फीका, जून 2023 के बाद सबसे कम जुड़े नए निवेशक
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 02:37 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः शेयर बाजार में पिछले दो वर्षों से कमजोर रिटर्न मिलने के कारण रिटेल निवेशकों का उत्साह कम होता दिखाई दे रहा है। म्यूचुअल फंड उद्योग के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि निवेशक अपनी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बंद कर रहे हैं, जबकि नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है।
असोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, अप्रैल 2026 में SIP स्टॉपेज रेशियो 101 फीसदी रहा। इसका मतलब है कि महीने के दौरान जितने नए SIP खाते शुरू हुए, उससे अधिक SIP बंद कर दिए गए। मार्च में भी यह अनुपात 101 फीसदी था, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
घरेलू निवेशकों का पैसा बना बाजार का सहारा
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों का SIP निवेश भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि SIP के माध्यम से आने वाला नियमित निवेश भी कमजोर पड़ता है, तो बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, SIP बंद करने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। मार्च 2026 में 12 महीने का SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर 94.5 फीसदी पहुंच गया, जबकि मार्च 2025 में यह 75.6 फीसदी और मार्च 2024 में केवल 52 फीसदी था।
कमजोर रिटर्न ने बढ़ाई निराशा
हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले दो वर्षों में निफ्टी 50 में SIP करने वाले निवेशकों को लगभग 2.56 फीसदी का नकारात्मक रिटर्न मिला है। वहीं निफ्टी 500 में निवेश करने वालों को मात्र 0.83 फीसदी का सीमित लाभ हुआ। कमजोर रिटर्न के कारण कई निवेशक SIP जारी रखने को लेकर पुनर्विचार कर रहे हैं।
नए निवेशकों की रफ्तार भी हुई धीमी
अप्रैल 2026 में म्यूचुअल फंड उद्योग से केवल 2.95 लाख नए निवेशक जुड़े, जिससे कुल निवेशक आधार बढ़कर 6.17 करोड़ हो गया। जून 2023 के बाद यह किसी भी महीने में दर्ज की गई सबसे कम मासिक बढ़ोतरी है।
तुलना करें तो फरवरी में करीब 7 लाख और मार्च में 5 लाख नए निवेशक जुड़े थे। वहीं मार्च 2026 तक के पिछले 12 महीनों में कुल 72 लाख नए निवेशक म्यूचुअल फंड उद्योग से जुड़े, जबकि इससे पूर्व के 12 महीनों में यह संख्या 97 लाख रही थी।
