RBI के स्पष्टीकरण से बढ़ सकते हैं NBFC के फंसे कर्ज: रिपोर्ट

punjabkesari.in Friday, Dec 03, 2021 - 04:54 PM (IST)

मुंबईः गैर- निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के बारे में आए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के स्पष्टीकरण से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के फंसे हुए कर्जे एक-तिहाई तक बढ़ सकते हैं। घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने शुक्रवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई है। उसका कहना है कि एनपीए पर आरबीआई के हाल में आए स्पष्टीकरण से एनबीएफसी के फंसे कर्ज में करीब एक-तिहाई की बढ़ोतरी हो सकती है। 

आरबीआई ने पिछले महीने बैंकों, एनबीएफसी एवं अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए आय पहचान परिसंपत्ति वर्गीकरण एवं प्रावधान (आईआरएसी) के मानकों पर स्थिति साफ की थी। इस स्पष्टीकरण में केंद्रीय बैंक ने कहा था कि विशेष उल्लेख खाता (एसएमए) और एनपीए का वर्गीकरण दैनिक स्थिति के आधार पर किया जाए और सभी लंबित बकाए का भुगतान करने के बाद ही एनपीए को मानक श्रेणी में डाला जा सकता है।

हालांकि इंडिया रेटिंग्स का मानना है कि एनपीए के लिए वित्तीय प्रावधान करने का मध्यम असर पड़ सकता है। इसके बावजूद यह आईआरएसी जरूरतों से कहीं अधिक परंपरागत व्यवस्था है। रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई का परिपत्र खातों की दैनिक पुष्टि की भी बात करता है ताकि यह पता चल सके कि कोई कर्ज कितने दिनों तक बकाया रहा है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि इस व्यवस्था से भी खातों के लिए एनपीए की पुष्टि की दर तेज हो सकती है। एनबीएफसी से कर्ज लेने वाले अमूमन अपनी लंबित देनदारी का भुगतान कुछ दिनों के विलंब से करते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में कुछ दिनों की भी देरी होने पर उनका खाता एनपीए के रूप में सूचीबद्ध किया जा सकता है। इंडिया रेटिंग्स का मानना है कि ऐसा होने पर एनबीएफसी के एनपीए आंकड़े बढ़ जाएंगे। 


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Content Writer

jyoti choudhary

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