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रिजर्व बैंक के नए उपायों के बावजूद सेंसेक्स 260 अंक टूटा

2020-05-22T17:19:53.287

मुंबईः बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में गिरावट से शुक्रवार को सेंसेक्स 260 अंक टूट गया। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए ब्याज दरों में कटौती और कुछ अन्य उपाय किए हैं लेकिन इससे बाजार में उत्साह का संचार नहीं हो सका। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में एक समय 450 अंक तक नीचे चला गया था। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ। अंत में सेंसेक्स 260.31 अंक या 0.84 प्रतिशत के नुकसान से 30,672.59 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 67 अंक या 0.74 प्रतिशत के नुकसान से 9,039.25 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक पांच प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ गया। 

एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा के शेयर लाभ में रहे। इससे पहले दिन में केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में अचानक 0.40 प्रतिशत की कटौती कर इसे चार प्रतिशत कर दिया। इसी तरह रिवर्स रेपो दर को भी 3.75 से घटाकर 3.35 प्रतिशत पर ला दिया गया है। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख ब्याज दरों को वर्ष 2000 के बाद से सबसे निचले स्तर पर ले आया है। 

केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही ऋण किस्त के भुगतान पर छूट को तीन महीने और बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया है। शेयरखान बाय बीएनबी परिबा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूंजी बाजार रणनीति तथा निवेश प्रमुख गौरव दुआ ने कहा, ‘‘हालांकि रिजर्व बैंक ने ऋण के पुनर्गठन के मोर्चे पर किसी तरह की राहत नहीं दी है। इससे शेयर बाजार निराश हुआ।'' उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव के अलावा अमेरिका- चीन संबंधों में बढ़ती खटास से भी अनिश्चितता बढ़ रही हैं ऐसे में शेयर बाजारों में अभी उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 6,088 मामले आए हैं। इससे इस वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1.18 लाख पर पहुंच गया है। देश में अब तक इस वायरस से 3,583 लोगों की जान गई है। वैश्विक स्तर पर कोविड-19 संक्रमित लोगों की संख्या 51 लाख को पार कर गई है। अब तक यह महामारी 3.32 लाख लोगों की जान ले चुकी है। अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहे। 


jyoti choudhary

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