Fiat की शिकायत के बाद डिजाइन की नकल में फंसी Mahindra, बंद हो सकती है इस SUV की बिक्री

2019-11-30T13:50:58.34

नई दिल्लीः महिंद्रा एंड महिंद्रा अब अपनी ऑफ रोडिंग के प्रसिद्ध Roxor SUV को नहीं बेच पाएगी। अमेरिका में Roxor के किट के आयात और पहले से आयातित किट की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अमेरिकी इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन (आईटीसी) के एक जज ने बहिष्कार आदेश की सिफारिश की है। महिंद्रा एंड महिंद्रा से मिली जानकारी के मुताबिक जज का कहना है कि रॉक्सर ने फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल (एफसीए) जीप ‘ट्रेड ड्रेस’ का उल्लंघन किया है। महिंद्रा ने मार्च, 2018 में रॉक्सर को अमेरिकी बाजार में उतारा था।

विलिस जीप से मिलती थी शक्ल
भारतीय वाहन कंपनी ने कहा कि एफसीए ने रॉक्सर के निर्माण और बिक्री पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए मिशिगन के पूर्वी जिला अदालत में मुकदमा दायर किया है। साथ ही, रॉक्सर की बिक्री से कमाए गए मुनाफे की भी मांग की है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा कि अगर एफसीए के पक्ष में फैसला आ जाता है, तो उसकी सहायक कंपनी महिंद्रा ऑटोमोटिव नॉर्थ अमेरिका रॉक्सर को अमेरिकी बाजार में नहीं बेच पाएगी। उसके एक प्रवक्ता ने कहा कि मामला सामने आने तक एफसीए ने कभी भी ‘जीप ट्रेड ड्रेस’ को परिभाषित नहीं किया था। माना जा रहा है कि 12 मार्च 2020 से रॉक्सर की बिक्री बंद हो जाएगी।

60 दिन का वक्त दिया
इसके अलावा, प्रशासनिक कानून न्यायाधीश (एएलजे) की राय आखिरकार महज एक सिफारिश है और हमने आईटीसी को इसकी समीक्षा करने के लिए कहा है, इसके लिए 60 दिन का वक्त दिया गया है। फिएट क्रिसलर ने एक अगस्त, 2018 को आईटीसी में मामला दर्ज कराया था। फिएट ने तीन वजहों से आपत्ति जताई थी। फिएट का कहना था कि रॉक्सर की बॉडी का आकार और वर्टिकल किनारे विलिस जीप से मिलते हैं और उसका पीछे का हिस्सा भी एक जैसा है। महिंद्रा ने हाल ही में हुए 2019 SEMA Motor Show में रॉक्सर का नया डिजाइन भी पेश किया था, जिसमें इसकी ग्रिल का डिजाइन बदला हुआ था और महिंद्रा का लोगो लगा हुआ था।

महिंद्रा भी बनाती थी विलिस जीप
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान आई विलिस जीप अब नहीं बनती है। दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध में विलिस अमेरिकी सेना के लिए जीप बनाती थी। 1947 में महिंद्रा ने भी भारत में इसका उत्पादन शुरू किया था। 1953 में काइजर मोटर्स ने विलिस कंपनी को और 1970 में अमेरिकन मोटर्स कॉरपोरेशन ने काइजर को खरीद लिया। क्रिसलर ने 1987 में अमेरिकन मोटर्स कॉरपोरेशन से जीप ब्रांड खरीदा। खराब आर्थिक स्थिति के कारण क्रिसलर ने 2009 में अमेरिका में दिवालिया के लिए आवेदन किया। इसके बाद फिएट ने जनवरी, 2014 में इसका अधिग्रहण कर लिया।
 


jyoti choudhary

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