तेजी से पटरी पर लौट रही इंडियन इकोनॉमी! अगस्‍त 2021 में 11.9% बढ़ा औद्योगिक उत्‍पादन

10/13/2021 5:39:44 PM

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बाद अब देश की अर्थव्‍यवस्‍था (इंडियन इकोनॉमी) के पटरी पर लौटने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ.) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार देश के औद्योगिक उत्पादन (आई.आई.पी.) में अगस्त 2021 के दौरान 11.9 फीसदी की बढ़ौतरी दर्ज की गई है। वहीं कोयला, कच्चा तेल और इस्पात समेत 8 बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों के उत्पादन में इस दौरान सालाना आधार पर 11.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। पिछले साल अगस्त महीने में बुनियादी क्षेत्र के उद्योगों के उत्पादन में 6.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

खनन क्षेत्र का 23.6 प्रतिशत तो बिजली क्षेत्र का उत्‍पादन 16 प्रतिशत बढ़ा
एन.एस.ओ. के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2021 में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग सैक्‍टर के उत्पादन की वृद्धि दर 9.7 फीसदी रही है। वहीं, खनन क्षेत्र का उत्पादन 23.6 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र का 16 प्रतिशत बढ़ा है। अगस्त 2020 में औद्योगिक उत्पादन 7.1 फीसदी घटा था। चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीने यानी अप्रैल-अगस्त 2021 के दौरान आई.आई.पी. में 28.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में आई.आई.पी. में 25 फीसदी की बड़ी गिरावट आई थी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले साल मार्च से औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ। उस समय इसमें 18.7 फीसदी की गिरावट आई थी। अप्रैल 2020 में लॉकडाऊन की वजह से औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने से उत्पादन 57.3 फीसदी घटा था।

किस-किस सैक्‍टर का उत्‍पादन बढ़ा, किसके उत्‍पादन में कमी
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आई.आई.पी.) में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमैंट और बिजली का 40.27 फीसदी हिस्‍सा है। बता दें कि अगस्‍त 2021 में लगातार तीसरे महीने बुनियादी क्षेत्र उद्योगों में बढ़ौतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार कोयला, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, इस्पात, सीमैंट और बिजली का उत्पादन अगस्त 2021 में सालाना आधार पर बढ़ा है। दूसरी तरफ कच्चा तेल और उवर्रक उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई है।

रोजगार के मामले में भी मिल रहे हैं अच्‍छे संकेत
औद्योगिक उत्पादन में बढ़ौतरी के चलते रोजगार के मोर्चे पर भी अच्छे संकेत मिल रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बाद औद्योगिक गतिविधियों में लगातार बढ़ौतरी हो रही है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आर्थिक सलाहकार कार्यालय ने अगस्त 2021 के लिए 8 कोर उद्योगों का सूचकांक जारी किया है। आठ कोर इंडस्ट्रीज का संयुक्त सूचकांक जुलाई 2021 में 134 पर था। इसमें जुलाई 2020 के मुकाबले 9.4 फीसदी की वृद्धि हुई थी। साफ है कि अगर अगस्‍त 2021 में औद्योगिक उत्‍पादन में बढ़ौतरी हुई तो आर्थिक गतिविधियों में भी उछाल आया है। इससे एक बार फिर लोगों को रोजगार के मौके मिल रहे हैं।

खुदरा महंगाई घटकर 4.35 प्रतिशत पर आई
उधर खाद्य वस्तुओं के दाम कम होने से खुदरा महंगाई सितंबर महीने में घटकर 4.35 प्रतिशत पर आ गई। आज जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सी.पी.आई.) आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में 5.30 प्रतिशत तथा सितंबर, 2020 में 7.27 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ.) के आंकड़ों के अनुसार खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर इस साल सितंबर में नरम होकर 0.68 प्रतिशत रही। यह पिछले महीने 3.11 प्रतिशत के मुकाबले काफी कम है। 

भारतीय रिजर्व बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पर विचार करते समय मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर पर गौर करता है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को 2 प्रतिशत घट-बढ़ के साथ खुदरा महंगाई को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखने की जिम्मेदारी दी हुई है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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