सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का चालू वित्त वर्ष में फंसे कर्ज से 3500 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य

punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 06:09 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 में फंसे कर्ज की वसूली से 3,500 करोड़ रुपए से अधिक जुटाने का लक्ष्य रखा है। इससे उसके बही-खाते को मजबूत करने में मदद मिलेगी। 

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कल्याण कुमार ने कहा, "हमारे पास तकनीकी रूप से बट्टे खाते में डाली गई राशि करीब 32,000 करोड़ रुपए है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक ने ऐसे ऋण खातों से 2,270 करोड़ रुपए की वसूली की। हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में भी बट्टे खातों से 2,300 से 2,500 करोड़ रुपए की वसूली होगी और यह हमारे लाभ को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।'' उन्होंने कहा कि समूचे वित्त वर्ष में कुल वसूली 3,500 करोड़ से 4,000 करोड़ रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 3,307 करोड़ रुपये की वसूली की थी। बैंक का मुख्यालय मुंबई में है। इसने खासकर कृषि खातों के लिए विशेष एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजनाएं शुरू की हैं और वसूली अभियानों को भी तेज किया है। 

कुमार ने बताया कि बैंक चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कोष प्रबंधन और क्रेडिट कार्ड कारोबार शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे शुल्क आधारित आय बढ़ाई जा सके। इसके लिए बैंक को निदेशक मंडल की मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा, ''अब हम आरएफपी (अनुरोध प्रस्ताव) जारी करने की प्रक्रिया में हैं ताकि विशेषज्ञों को जोड़ा जा सके और यह व्यवसाय शुरू किया जा सके। मुझे उम्मीद है कि इस वर्ष के मध्य तक हम इसे पेश करने की स्थिति में होंगे।'' इसके अलावा बैंक गैर-ब्याज आय बढ़ाने के लिए अन्य उत्पाद भी लाने की योजना बना रहा है।

कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए उन्होंने कहा कि नकदी प्रबंधन सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इस उत्पाद पर काम चल रहा है जिसे अगस्त तक पेश किया जाएगा। बैंक साख पत्र (लेटर ऑफ क्रेडिट) और गारंटी पत्र (एलजी) से जुड़े केंद्रीकृत विदेशी मुद्रा कारोबार भी शुरू करेगा। शुरुआत में बैंक अपने ही कॉरपोरेट ग्राहकों को लक्ष्य बनाएगा, जो ये सेवाएं अन्य बैंकों से ले रहे हैं। 
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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