फरवरी में 12.37 लाख लोगों को मिला रोजगार, EPFO सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ी

2021-04-21T11:21:41.127

बिजनेस डेस्कः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से इस साल फरवरी में शुद्ध रूप से 12.37 लाख कर्मचारी जुड़े। यह पिछले साल के इसी माह के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत अधिक है। मंगलवार को जारी नियमित वेतन पर रखे जाने वाले कर्मचारियों (पेरोल) का यह आंकड़ा कोरोना महामारी के बीच संगठित क्षेत्र में रोजगार की स्थिति को बताता है।

श्रम मंत्रालय के बयान के अनुसार नियमित वेतन पर रखे जाने वाले कर्मचारियों (पेरोल) से संबंधित ईपीएफओ के अस्थायी आंकड़े के अनुसार फरवरी, 2021 में शुद्ध रूप से इस सामाजिक सुरक्षा योजना से 12.37 लाख अंशधारक जुड़े। जनवरी, 2021 के मुकाबले फरवरी में अंशधारकों की संख्या में 3.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंत्रालय के अनुसार, "सालाना आधार पर फरवरी 2021 में ईपीएफओ से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या में 19.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।'' 

कोविड संकट के बावजूद ईपीएफओ से वित्त वर्ष 2020-21 में फरवरी, 2021 तक करीब 69.58 लाख अंशधारक शुद्ध रूप से जोड़े। वित्त वर्ष 2019-20 में शुद्ध रूप से 78.58 लाख नए अंशधारक जुड़े थे जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 61.12 लाख थे। इस बीच, ईपीएफओ के जनवरी के पेरोल आंकड़े को संशोधित कर 11.95 लाख किया गया है। इससे पहले, मार्च 2021 में जारी अस्थायी अनुमान में शुद्ध रूप से 13.36 लाख लोगों के ईपीएफओ से जुड़ने की बात कही गई थी। ईपीएफओ अप्रैल 2018 से नियमित वेतन पर रखे जाने वाले कर्मचारियों के आंकड़े जारी कर रहा है। इसमें सितंबर 2017 की अवधि को लिया गया है।

ताजा आंकड़े के अनुसार, अप्रैल 2020 में ईपीएफओ से शुद्ध रूप से 2,72,900 अंशधारक अलग हुए थे जबकि मार्च में यह आंकड़ा (-)2,55,559 रहने की बात कही गई थी। इसका मतलब है कि ईपीएफओ में इस दौरान जितने अंशधारक जुड़े, उससे कहीं अधिक उससे बाहर हुए। मई के आंकड़े को भी संशोधित किया गया है। शुद्ध रूप से मई 2020 में 2,72,328 अंशधारक ईपीएफओ से अलग हुए जबकि पूर्व में यह आंकड़ा (-) 2,47,991 बताया गया था। 


Content Writer

jyoti choudhary

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