इतनी आसानी से हार न मानो

09/08/2021 5:02:46 AM

कई वर्ष पूर्व मैं अपने डैड की इंटीरियर डैकोरेशन कम्पनी में एक सेल्जमैन के तौर पर काम करता था। जिस चीज से मुझे डर लगता था वह थी सुबह-सवेरे डैड की फोन कॉल मिलना कि जिस ग्राहक के आवास या कार्यालय पर उस सुबह हमने काम शुरू करना था, उसने अपना मन बदल लिया है। इससे जो पहली चीज होती थी वह थी निराशा की भावना और फिर अचानक एक मुस्कान मेरे चेहरे पर चमक ला देती थी क्योंकि मैं निर्णय करता था कि यह सेल्जमैन के तौर पर मेरे कौशल को तीक्ष्ण करने का एक अवसर है। 

मैं ग्राहकों के घर की ओर भागता और वहीं पर मैंने अपने पहले सबक सीखे। मुझे एक लाभ था क्योंकि ग्राहक को अपने किए का बुरा लगता था। वह मुझे अपने घर में आने देता था और बहुत विनम्रता से पूछता था कि क्या आप एक कप चाय पीना पसंद करेंगे? आप बेशक भीतर से यह महसूस करें कि उसके चेहरे पर चाय फैंक दें लेकिन मैं ऐसा नहीं करता, उन्हें कहता था कि हां पी लूंगा और बैठ जाता था। वह मेरे पास बैठ जाता और मैं हर चीज के बारे में बात करता। सिवाय उस आर्डर के जिसे हमने गंवा दिया था। अपने काम के प्रति उसे किसी चीज के लिए लगाव या जुनून था और जब वह चाय बना रहा था ग्राहक ने धीरे-धीरे मेरे साथ बात करने के लिए मन बनाना शुरू कर दिया। 

फिर मैं उसे बताता कि हम उसके निर्णय का सम्मान करते हैं लेकिन इसके साथ ही चूंकि मैंने रंगों तथा कपड़ों और फर्नीचर के बारे में निर्णय लेने में उसकी मदद की थी, मैं फिर भी उसकी मदद करना चाहूंगा। चाहे वह किसी नए ठेकेदार के साथ काम करे। तुरन्त ही मुझे उसके चेहरे पर एक अनिश्चितता के बादल दिखाई देने लगते लेकिन मैं अपनी भावनाओं को दबाते हुए उसे प्रत्येक कमरे के बारे में याद दिलाता और कहता कि नए व्यक्ति से क्या कहना है और एक विशेष शेड को कैसे मिश्रित करना है और जब भी कभी मेरी जरूरत हो उसके लिए उसे अपना कंटैक्ट नंबर दे देता। दस में से सात बार ग्राहक अपने कमरे में जाता, अपनी पत्नी से बात करता और फिर वापस आकर मुझे बताता कि आर्डर फिर से मेरा है। 

मैंने क्या किया था। पहला, मैं अपनी हार मान कर नहीं बैठ गया। मैंने लडऩे  और फिर बिना मेहनताने की मांग किए उसकी मदद करने का फैसला किया। हां, कई बार ऐसे भी अवसर आए जब मैंने आर्डर गंवा दिया लेकिन मैं उस घर में जाता या उस ग्राहक को फोन करता और उसकी मदद करता और जब वे अपने किसी मित्र को सिफारिश करते तो आमतौर पर वह हमारी ही फर्म होती। किसी सेल्जमैन अथवा किसी भी व्यवसाय में किसी को जो भी चीज समझने की जरूरत है वह यह कि आसानी से हार न मानो। किसी भी श्मशान में जाओ तो आप पाएंगे कि वह ऐसे लोगों से भरा है जिन्होंने बड़ी जल्दी हथियार डाल दिए। ‘‘यह आवाज कैसी है?’’ एक श्मशान में मैंने कब्र के पत्थर से पूछा। ‘‘यहां एक ऐसा लड़का दफन है  जिसका हमें डर है कि वह शीघ्र ही बाहर आ जाएगा! उसने अपनी मौत स्वीकार नहीं की है!’’ 

हो सकता है मैं एक अन्य चरम पर पहुंच गया हूं लेकिन यदि हमारी योजना जीतने की है तो कोविड के इस वर्तमान समय में हमें ऐसा ही होने की जरूरत है। ‘‘वह बाहर आ गया है!’’ सभी कब्रें एक साथ चिल्लाईं और एक लड़का जीत की खुशी में तेजी से दौड़ता हुआ निकल गया...!-दूर की कौड़ी राबर्ट क्लीमैंट्स


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Content Writer

Pardeep

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