योग में बनाए करियर, फिटनेस के साथ कमाई होगी बढ़िया

नई दिल्लीः भारत में आज योग के प्रति लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि अब योग महज स्वस्थ रहने का जरिया नहीं बल्कि अच्छी कमाई करने का माध्यम भी बन गया है। आज योग बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार देने वाली इंडस्ट्री बन गया है। अच्छी बात यह है कि यह इंडस्ट्री देश-विदेश में तेजी से पांव पसार रही है। कई अध्ययन बताते हैं कि वर्तमान में भारत व अन्य देशों में योग प्रशिक्षकों की कमी है। 

इस फील्ड में करियर की शुरुआत 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद की जा सकती है। योग में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कई डिग्री, डिप्लोमा और सर्टीफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं। बैचलर ऑफ आर्ट्स (योग), मास्टर इन आर्ट्स (योग), पीजी डिप्लोमा इन योग थैरेपी कोर्सेज की अच्छी डिमांड है। योग एक्सपर्ट या नैचूरोपैथ के तौर पर करियर विकसित करना है तो साढ़े पांच साल का बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) किया जा सकता है।

यहां मिलेगा काम 
शैक्षिक क्षेत्र, प्रबंधन और प्रशासन, अस्पताल और चिकित्सा प्रशासन, योग चिकित्सक, योग प्रशिक्षक के रूप में यहां जॉब मिल सकती है।  
सबसे अधिक मांग योग प्रशिक्षकों की है। कई संस्थान, कॉर्पोरेट संगठन और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां, हैल्थ स्पा, ब्यूटी सैलून, जिम और इसी तरह के संगठनों को योग प्रशिक्षकों की आवश्यकता रहती है। योग विशेषज्ञ आजकल अपना स्पा सैलून, हैल्थ क्लब या जिम भी खोल रहे हैं जो कि उनके लिए बड़ा फायदेमंद व्यवसाय साबित हो रहा है।

 

कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान योग सीखाते हैं। जिनमें से कुछ के नाम हैं-
1. मोरारजी देसाई इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी एंड योग, नई दिल्ली
2.  लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
3. डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश
4.  देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार, उत्तराखंड
5.  गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार, उत्तराखंड
6.  पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार, उत्तराखंड
7. जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर, मध्य प्रदेश  
8. कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा
9.  पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला, पंजाब
10. पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, पंजाब
11. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला, हिमाचल प्रदेश  

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