कार्पोरेट घरानों की मदद से होगा पंजाब के सरकारी स्कूलों में सुधार

चंडीगढ़ःपंजाब में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अब पंजाब सरकार कॉर्पोरेट व औद्योगिक घरानों, गैर सरकारी संस्थाओं और एनआरआईज को हिस्सेदार बनाएगी। यह फैसला सीएम कैप्टन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया। इसके लिए नीति तैयार की गई है। प्रत्येक स्कूल में स्कूल शिक्षा का अधिकार एक्ट के तहत विकास कमेटी बनाई जाएगी। 

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इसमें कॉर्पोरेट घरानों, औद्योगिक घरानों, गैर-सरकारी संस्थानों और एनआरआईज से  भी दो-दो मैंबर शामिल किए जाएंगे। यह कमेटी स्कूलों के कामकाज, विकास योजनाएं तैयार करेगी। साथ ही कॉर्पोरेट घरानों, औद्योगिक घरानों, गैर-सरकारी संस्थाओं और एनआरआईज से दान के तौर पर मिली ग्रांटों के प्रयोग की निगरानी करेगी। 

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इस पैसे से स्कूलों की इमारत/कमरों, शौचालयों, लाइब्रेरी के निर्माण और किताबें, आईटी का समान जैसे कि स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर, टेबलेट्स या कोई भी अन्य आई.टी. से संबंधित बुनियादी ढांचे में योगदान डाल सकेंगे। कॉर्पोरेट या अन्य संबंधित घराने एक या एक से अधिक स्कूलों में निवेश कर सकते हैं। स्कूल के विकास में योगदान डालने वाला कोई भी पक्ष स्कूल के अंदर व्यापारिक गतिविधि नहीं कर सकेगा। 

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कैबिनेट मीटिंग में फैसला 
स्कूल विकास कमेटी में कार्पोरेट घराने व एनआरआईज मेंबर होंगे, हर काम की करेंगे निगरानी  टीचर्स की तैनाती, निगरानी की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विवरण वेबसाइट पर डाला जाएगा।


इसके लिए डायरेक्टर जनरल के कार्यालय में एक समर्पित सैल स्थापित किया जाएगा। स्कूल में अध्यापकों की तैनाती/निगरानी और कंट्रोल की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की ही होगी। 
 

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