जाने क्यों अहम है भारत-अमरीका के बीच 2+2 वार्ता

इंटनैशनल डैस्कः  विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस अपनी पहली 2+2 वार्ता में हिस्सा लेंगे । यह वार्ता दोनों देशों के  लिए बहुत खास मानी जा रही है क्योंकि यह आपसी सहयोह बढ़ाने और उच्च स्तर का भरोसा कायम करने के लिए की जा रही है। आइए जानते हैं दोनों देशों के बीच 2+2 वार्ता की  क्या अहमियत है? जानकारी के अनुसार पहले ये वार्ता नौकरशाहों के बीच होती थी, लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून 2017 में अमरीका गए थे, तब सुझाव रखा गया था कि ये वार्ता विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के स्तर पर होनी चाहिए।ऐसा दोनों देशों के बीच के संबंधों को राजनीतिक और रणनीतिक दिशा देने के लिए किया गया है। भारत की ये ऐसी  पहला 2+2   है, यही वजह है कि इस को बेहद अहम बताया जा रहा है। 

PunjabKesari

क्या है 2+2 वार्ता?: टू प्लस टू मैकेनिज़्म अमरीकी डिप्लोमेसी का ख़ास कॉन्सेप्ट है। इसमें अमरीका और सहयोगी देश के विदेश और रक्षा मंत्री बातचीत करते हैं। दो देशों के बीच मुख्य रणनीतिक संबंध विदेश और रक्षा मंत्रालय ही देखते हैं। ऐसे में इन मंत्रियों के आपस में मिलने से कई महत्वपूर्ण निर्णय होते हैं।
 PunjabKesari
भारत के लिए क्यों है खास?: अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो पाकिस्तान से होते हुए भारत आए हैं।हाल ही में अमरीका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद को रोक दिया था। इसलिए भारत और अमरीका के रिश्तों को इस परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा रहा है। पहले समझा जाता था कि भारत और अमरीका के संबंधों के प्रति पाकिस्तान का रुख नकारात्मक है। कहा जाता था कि अमरीका भारत से ज्यादा पाकिस्तान से रिश्ते प्रगाढ़ करने की बात करता था. लेकिन अब अमरीका का ये रवैया बदल रहा है।

PunjabKesari
अमरीका की विदेश नीति में भारत की भूमिका: अमरीकी विदेश नीति में भारतकी भूमिका एक रणनीतिक साझेदार के रूप में है,  वहीं पाकिस्तान का रोल एक ऐसे देश के रूप में है जिसके साथ चरमपंथ और अफ़ग़ानिस्तान जैसी कुछ जटिल समस्याएं हैं, जिससे जूझना पड़ रहा है।PunjabKesariट्रंप की विदेश नीति में बदलाव: पाकिस्तान और भारत के संबंधों पर पाकिस्तान का जो रवैया रहा है उसे लेकर और दूसरे मामलों पर ट्रंप प्रशासन हमेशा से ही सख्त रहा है। इसके अलावा उसकी विदेश नीति में भी बदलाव देखने को मिला है। पहले कहा जाता था कि अमरीका पाकिस्तान से सख्त बाते करता है, लेकिन ज़मीनी तौर पर कुछ नहीं कर पाता।अब उसका ये रुख बदल गया है।PunjabKesariद्विपक्षीय मुद्दों पर होगी बातचीत: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी, जिसमें भारत की विदेश नीति से जुड़े मामले, रूस और ईरान के साथ भारत के रिश्ते और उनपर अमरीका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों पर बात होगी। वहीं कारोबारी, हिंद व प्रशांत महासागरीय क्षेत्र की सुरक्षा, सामरिक व रणनीतिक सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों देश ये समझ रहे हैं कि विदेश और रक्षा के मुद्दों को अलग करके नहीं देखा जा सकता. बल्कि दोनों पर साथ ही बात करनी होगी।

खास समझौते की उम्मीद: 2+2 वार्ता के दौरान कोमकासा समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।  कोमकासा यानी 'कम्यूनिकेशन्स कंपैटबिलटी एंड सिक्युरिटी अग्रीमंट'। इस समझौते के तहत दोनों देशों की सेनाओं के बीच संचार और समन्वय बढ़ाया जाएगा 
 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!
× RELATED भारत-अमरीका की पहली 2+2 वार्ता कल, बड़े और रणनीतिक’ मुद्दों पर होगी चर्चा