दिव्यांग वोटरों के लिए खरीदी व्हीलचेयर्स में लाखों के घपले की आशंका

श्री माछीवाड़ा साहिब(टक्कर):भारत के चुनाव कमीशन की ओर से लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिव्यांग और बुजुर्ग वोटरों को पोलिंग बूथों तक लेकर जाने के लिए प्रशासन को व्हीलचेयर्स का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं जिसके अंतर्गत लुधियाना जिले में पंचायत विभाग की ओर से हजारों की संख्या में व्हीलचेयर्स खरीदी गई हैं, जिनकी कीमत लाखों रुपए बनती है। गांव झड़ोदी के सरपंच धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया कि बाजार में 3,500 रुपए कीमत वाली व्हीलचेयर की पंचायत विभाग सरपंचों से 5,000 से 5,200 रुपए प्रति चेयर वसूली कर रहा है जिस कारण लाखों रुपए का घपला होने की आशंका है।

लुधियाना में 917 गांव हैं और प्रत्येक ब्लाक पंचायत अफसर को अपने-अपने अधीन आते गांवों में इन चुनाव से संबंधित 2-2 व्हीलचेयर्स मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं जिसके अंतर्गत ब्लाकों के अधिकारियों की ओर से भारी मात्रा में व्हीलचेयर्स खरीदी गईं जिनकी कीमत लाखों रुपए है। ब्लॉक पंचायत कार्यालय के अधिकारियों की ओर से अब गांवों के सरपंचों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित कार्यालय में आकर व्हील चेयर ले जाएं और अपने-अपने गांवों में पोलिंग बूथों पर भेज दें जिससे 19 मई को दिव्यांगों और बुजुर्गों को व्हीलचेयर्स की सुविधा मिल सके। लुधियाना के ब्लॉक पंचायत अधिकारियों की ओर से गांवों की पंचायतों को यह फरमान भी जारी कर दिया गया कि 2 व्हीलचेयरों की कीमत करीब 10 हजार रुपए बनती है, उसकी अदायगी पंचायती फंड से चैक से कर दी जाए।

हैरानी की बात यह है कि पंचायत विभाग की ओर से 3,500 रुपए की कीमत वाली व्हील चेयर का पंचायतों से 5 हजार रुपए प्रति चेयर क्यों वसूला जा रहा है परंतु चुनाव में व्यस्त होने के कारण न तो प्रशासन और न ही सरकार इस तरफ ध्यान दे रही है। दूसरी तरफ कई गांवों के सरपंचों की ओर से तो यह व्हील चेयर्स ले ली गई परंतु कई सरपंचों ने इसको फिजूल खर्चा बताते हुए कहा कि एक दिन गांव केवल 5-7 व्यक्तियों को वोटें डलवाने के लिए हजारों रुपए खर्चना सही नहीं और कहा कि वोटों के बाद यह व्हील चेयर्स कबाड़ हो जाएंगी और किसी काम नहीं आएंगी। 

कई सरपंचों ने तो इन व्हील चेयरों की अदायगी करने से इंकार कर दिया है परंतु जब विभाग से संबंधित अधिकारियों का दबाव पड़ेगा तो उनको अदायगी करनी ही पड़ेगी। कुल मिला कर लुधियाना जिले में दिव्यांग और बुजुर्ग व्यक्तियों को वोट डालने के लिए चुनाव कमीशन ने गांवों की पंचायतों पर बोझ डाल कर लाखों रुपए की व्हील चेयरें तो खरीद लीं और वोटों के बाद इन व्हील चेयरों का क्या होगा, इसका न सरपंचों के पास जवाब है और न ही प्रशासनिक अधिकारियों के पास।

चुनाव के बाद गांवों में रहते बुजुर्ग और दिव्यांग इन व्हील चेयर्स का इस्तेमाल कर सकेंगे : डी.सी
लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि चुनाव कमीशन की हिदायतें हैं कि कोई भी दिव्यांग या बुजुर्ग वोट डालने से वंचित न रहे। इसलिए ये व्हीलचेयरें खरीदी जा रही हैं। चुनाव के बाद इन व्हील चेयरों के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि पंचायतें अपने गांवों के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए या जहां जरूरत हो वहां मुहैया करवा सकती हैं। 

क्या कहना है जिला पंचायत अधिकारी का
जब इससे संबंधित जिला पंचायत अधिकारी अमरीक सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही उनकी नियुक्ति हुई है। उनको इस बारे जानकारी नहीं कि जिले में कितनी व्हीलचेयर्स खरीदी गईं। व्हील चेयर की कीमत पंचायतों से 5 हजार रुपए वसूली जा रही है जबकि बाजार में कीमत कम है तो इस पर उन्होंने कहा कि इन व्हील चेयर्स की ब्लाक स्तर पर ही अधिकारियों द्वारा खरीद की गई है। इसकी जांच करेंगे कि विभाग की ओर से खरीदी गई व्हीलचेयर की कीमत और बाजारी कीमत में कोई अंतर तो नहीं।

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