विपक्षी दल मिलकर उठाएंगे EVM का मुद्दा: ममता बनर्जी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग के समक्ष इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का मुद्दा उठायेंगी। बनर्जी द्वारा शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर आयोजित ‘यूनाइटेड इंडिया’ रैली में विपक्षी दलों के कई नेताओं ने ईवीएम की कड़ी आलोचना की थी और आगामी लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की थी। 

अब्दुल्ला ने की लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने रैली में कहा, ‘‘ईवीएम चोर है।’’ उन्होंने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की। अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हम पारदर्शी चुनाव चाहते हैं। यह बहुत जरुरी है। ईवीएम को लेकर मुझे डरा बना हुआ है। अगर धोखाधड़ी से चुनाव जीते गये तो हम कभी इसे स्वीकार नहीं करेंगे।’’  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता और राज्यसभा सांसद सतीश मिश्रा ने कहा, ‘‘जनता भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना चाहती है। हमें सचेत रहना होगा कहीं वे पिछले चुनाव की तरह इस बार भी ईवीएम से गड़बड़ी न करे। सभी दलों को इस बारे में चुनाव आयोग से बात करनी होगी।’’ 

कम देश कर रहे हैं ईवीएम का इस्तेमाल
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत ही कम देश ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो भारत में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव फिर से शुरू करवाने पर फिर से विचार क्यों नहीं किया जा रहा। लोकसभा चुनाव में बहुत कम समय रह गया है इसलिए हमारी मांग है कि सभी ईवीएम मशीनों में वीवीपैट की सुविधा उपलब्ध हो। अगले सप्ताह हम चुनाव आयोग के पास जाएंगे और इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।’’ 

विपक्ष ने किया चार सदस्यीय समिति का गठन
ब्रिगेड रैली के बाद विपक्ष के नेताओं ने ईवीएम पर एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया था जो ईवीएम पर मसौदा तैयार करेगी। इस समिति में समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी (आप) नेता अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और बसपा नेता सतीश मिश्रा को सदस्य बनाया गया है। समिति द्वारा तैयार किये गए मसौदे आधार पर ही विपक्षी दल चुनाव आयोग को पत्र लिखेंगे। 

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