सोशल मीडिया पर सनसनी बना यह मैसेज, अब सच्चाई आई सामने

जालंध (कमलेश): पिछले काफी दिनों से एक मैसेज वायरल हो रहा था जिसमें कहा जा रहा था कि  *#{w# को डायल करके कोई भी व्यक्ति यह जान सकता है कि उसका नंबर किसी द्वारा ट्रेस तो नहीं किया जा रहा।


‘पंजाब केसरी’ ने जब इस मामले की सच्चाई जानने के लिए जांच की तो पता चला की इस नंबर को अपने मोबाइल पर डायल करने के बाद ज्यादातर मोबाइल पर सर्विस प्रोवाइडर कम्पनियों के ऑटोमैटिक मशीन मैसेज के नंबर शो हो रहे थे। आपको बता दें कि अगर आपके मोबाइल पर कोड को डायल करने के बाद +9117010, +91568, +9157010 नंबर शो होते हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये कंपनी के ही ऑटोमैटिक मशीन मैसेज हैं। वहीं, अगर इस कोड को डायल करने पर कोई 10 अंकों का संदिग्ध नंबर नजर आता है तो उसे मोबाइल सैटिंग से डिएक्टीवेट किया जा सकता है।


जरूरत पडऩे पर सरकारी एजैंसियां करती हैं मोबाइल ट्रेस
वायरल मैसेज में यह अफवाह फैली थी कि *#{w# की सहायता से व्यक्ति यह जान सकता है कि कोई सरकारी एजैंसी उसका मोबाइल ट्रेस कर रही है या नहीं। आपको बता दें कि सरकारी एजैंसिया जैसे रॉ, आई.बी., सी.बी.आई. जरूरत पडऩे पर इंडियन टैलीग्राफ एक्ट एंड इन्फॉर्मेशन टैक्नोलॉजी एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति का मोबाइल ट्रेस कर सकती हैं और इसके साथ ही व्यक्ति की ईमेल और एस.एम.एस. पर भी नजर रख सकती है लेकिन एजैंसियों द्वारा ट्रेस की गई कॉल्स को किसी भी कोड से डिटैक्ट नहीं किया जा सकता। 
 

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