उपसभापति चुनाव: अमित शाह की इस चाल से हारी कांग्रेस

जालंधर(नरेश अरोड़ा): आज हुए राज्यसभा के उपसभापति चुनाव के लिए राजग उम्मीदवार हरिवंश को 125 मत मिले जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी के हरिप्रसाद को 105 मत मिले। लोकसभा के बाद एक बार फिर राज्यसभा में भी भाजपा ने कांग्रेस को पटखनी दे दी है। दरअसल किसी पार्टी को यह चुनाव संसद के इस सत्र में होने का अंदाजा नहीं था। जिस तरीके से संसद सत्र के दौरान इस पर चर्चा बंद हुई थी उसे देखते हुए माना जा रहा था कि सरकार का इस सत्र में यह चुनाव करवाने का इरादा नहीं है लेकिन सरकार ने अचानक सत्र के समाप्त होने से एक दिन पहले का समय इस चुनाव के लिए निर्धारित कर लिया। 



विपक्ष को चुनाव के लिए तैयारी का वक्त नहीं मिला और इस बीच भाजपा ने दूसरा बड़ा पैंतरा खेलते हुए अपना उम्मीदवार मैदान में उतारने की बजाय जे.डी.यू. का उम्मीदवार मैदान में उतार दिया। भाजपा को अंदाजा था कि इस पद के लिए उसके उम्मीदवार को समर्थन हासिल नहीं होगा और किसी दूसरे सहयोगी के उम्मीदवार को इस पर समर्थन हासिल हो सकता है और भाजपा की यह रणनीति सफल होती नजर आ रही है। 



नीतीश ने खुद किया समर्थन के लिए फोन 
भाजपा ने इस पद के लिए जे.डी.यू. के उम्मीदवार को मैदान में उतार कर उसके लिए समर्थन हासिल करने की जिम्मेदारी भी नीतीश कुमार के पाले में ही डाल दी, नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन दिलाने के लिए बीजू जनता दल (9 सीटें), टी.आर.एस. (6 सीटें), टी.डी.पी. (6 सीटें), शिरोमणि अकाली दल (3 सीटें) और इंडियन नैशनल लोक दल (1 सीट) को खुद समर्थन के लिए फोन किया। नीतीश के फोन का ही नतीजा था कि इनमें से बीजू जनता दल और टी.आर.एस. की 15 वोटों का जुगाड़ एन.डी.ए. उम्मीदवार के लिए हो गया। 


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