UP Board Exam 2019 : इन तरीकों से सरकार रोकेगी परीक्षा में नकल

नई दिल्ली: बोर्ड परीक्षाओं को लेकर यूपी बोर्ड हर बार किसी न किसी वजह से हमेशा चर्चा में बना रहता है, क्योंकि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल माफिया का खेल वर्षों से चल रहा है। इस खेल को खत्म करने के लिए वर्ष 2017 में शासन ने सख्त कदम उठाए, जिसका असर तो पड़ा था, लेकिन नकल पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई थी। पिछले साल नकल रोकने को लेकर सरकार की ओऱ से उठाए गए सख्त नियमों की वजह से करीब 10 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा छोड़ दी थी। गौरतलब है कि इस बार 57,87,998 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। वहीं परीक्षाएं भी इस बार जल्द 7 फरवरी से परीक्षाएं शुरू होंगी।इस बार भी यूपी सरकार ने नकल पर लगाम लगाने के लिए काफी सख्त कदम उठाए है आइए जानते है सरकार ने इस बार नकल रोकने के लिए क्या उपाय किए है

सॉफ्टवेयर से होगी जांच
उत्तर पुस्तिकाओं में होने वाले बदलाव को रोकने के लिए एक सॉफ्टवेयर और एक चार स्टेप वाला प्रोसेस तैयार किया गया है. जिस प्रक्रिया के तहत कॉपियों का बंटवारा किया जाएगा और उन्हें जांची जाएगी। वहीं उन स्थानों पर ज्यादा नजर रखी जाएगी, जहां पहले भी नकल के कई मामले सामने आए हैं। 

आधार कार्ड के बिना नहीं मिलेगी एंट्री
इस बार की बोर्ड परीक्षाओं में स्टूडेंट्स को आधार कार्ड लाना जरूरी होगा। बिना आधार कार्ड के परीक्षा केंद्र में घुसने की अनुमति नहीं मिलेगी।इससे पहले बोर्ड के सभी परीक्षार्थियों का आधार नंबर मांगा गया है।

उत्तर पुस्तिकाओं  पर लगेगा कोड
परीक्षाओं में होने वाले हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए इस बार कॉपियों पर कोड लिखा जाएगा। कोड वाली कॉपियों के आधार पर ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होगी और उन कोड के क्रम के अनुसार ही कॉपियां बांटी जाएंगी।

कॉपी में  नहीं कोई बदलाव
हर कॉपी पर एक कोड लिखा होता है। अब इस कोड पर ओवर राइटिंग, कटिंग या फ्लूड का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगाय़ इस काम के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को लगाया जाएगा।


 

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