‘चुनाव तक ट्रम्प शायद आजाद न रहें’

अमरीका में डैमोक्रेट सीनेटर एवं राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार एलिजाबेथ वारेन ने 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव प्रचार की शुरूआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हमला बोल कर की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प अगले साल चुनाव के दिन तक शायद अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे और हो सकता है कि तब तक वह आजाद भी न रहें। 

मैसाचुसेट्स से सीनेटर वारेन एक महीने से भी अधिक समय पहले से प्रचार अभियान के लिए जमीनी हकीकतों की थाह लेने के लिए ट्रम्प पर हमला करने से बचती रहीं। वह लगातार राष्ट्रपति के निशाने पर रही हैं, जिन्होंने मूल अमरीकी विरासत को लेकर उनके दावों की आलोचना की है। वारेन ने गत दिवस अमरीकी प्रांत लोवा में अपने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राष्ट्रपति को विभाजनकारी हमलों के साथ प्रचार अभियान को भटकाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। वारेन ने कहा कि हर रोज कोई न कोई नस्लवादी ट्वीट होता है, एक उम्मीदवार होने के नाते, एक्टिविस्ट होने के नाते तथा प्रैस (मीडिया) होने के नाते हम इस बारे क्या करेंगे? हम रोज उनका पीछा करेंगे। 

वारेन ने हालांकि अपनी टिप्पणी पर विस्तार से नहीं बताया, यद्यपि ऐसा दिखाई देता था कि वह उन कई जांचों की ओर संकेत कर रही थीं जिन्होंने ट्रम्प के राष्ट्रपति पद पर काली छाया डाल रखी है। बाद में यह पूछने पर कि क्या वह राष्ट्रपति ट्रम्प पर महाभियोग चलाएंगी, वारेन ने कहा कि विशेष अधिवक्ता राबर्ट मूलर को अपनी जांच पूरी करने तथा रिपोर्ट सार्वजनिक करने दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय राष्ट्रपति के खिलाफ कई मामलों की जांच चल रही है। अब केवल मूलर की जांच ही होनी है। वारेन ने कहा कि वह हर जगह गम्भीर जांच में घिरे हुए हैं इसलिए देखना होगा कि आगे क्या होता है। इससे पहले सेडर रेपिड्स के एक कार्यक्रम में वारेन ने कहा कि देश खतरनाक दौर में है। ऐसे में 2020 में क्या होता है, यह हमारे देश और लोगों की दिशा तय करेगा। 

यद्यपि ट्रम्प पर किसी अपराध का दोष नहीं लगा है लेकिन उनके कई पूर्व सलाहकारों को कई आरोपों में दोषी पाया गया है। वारेन के आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने के शीघ्र बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने उन पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया था कि ‘‘आज एलिजाबेथ वारेन, जिन्हें वह कभी ‘पोकाहोंतास’ कहते थे, आज राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल हो गई हैं। क्या वह हमारी पहली राष्ट्रपति पद की मूल अमरीकी उम्मीदवार की तरह दौड़ेंगी या उन्होंने निर्णय कर लिया है कि 32 साल बाद अब वह उतना अच्छा नहीं खेल रहीं। प्रचार अभियान पर मिलते हैं लिज...।’’ 

वारेन ने गत सोमवार को राष्ट्रपति पद के लिए खोज समिति बनाने का ऐलान किया। इसके बाद वह 2020 का चुनाव लडऩे की इच्छा जताने वाली डैमोक्रेटिक पार्टी की पहली नेता बन गईं। नवम्बर में हुए मध्यावधि चुनाव में वारेन मैसाचुसेट्स से एक बार फिर निर्वाचित हुई हैं। वह राष्ट्रपति ट्रम्प की कटु आलोचक के तौर पर जानी जाती हैं। 2020 के शुरू में होने वाले इस चुनाव में ट्रम्प के खिलाफ 5 महिलाएं मैदान में हैं। वारेन के अतिरिक्त ट्रम्प का मुकाबला न्यूयार्क से सीनेटर कस्र्टन गिलिब्रैंड और मिनेसोटा से सीनेटर एमी क्लोबुचर से होगा। इनके अतिरिक्त भारतीय मूल की दो सीनेटर-कैलीफोॢनया से कमला हैरिस और हवाई से हिन्दू महिला सदस्य तुलसी गोबार्ड डैमोक्रेटिक पार्टी की उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें ट्रम्प को चुनौती देने के लिए सम्भावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है।              

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