पूर्व अमरीकी राजनयिक का आरोप, ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ के संबंधों को किया नजर अंदाज

वाशिंगटनःअमरीका और भारत के बीच कल नयी दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण टू प्लस टू बैठक से पहले अमेरिका के एक पूर्व राजनयिक ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्वर्वितयों जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा के उलट भारत के साथ देश के महत्वपूर्ण संबंधों को नजरअंदाज किया है। यह वार्ता पहले वाशिंगटन में छह जुलाई को होने वाली थी, जिसे अमेरिका ने 27 जून को ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देते हुए टाल दिया था।

पूर्व में भारत में अमरीका के राजदूत रह चुके टीम रोयमर ने फॉरेन पॉलिसी मैगजीन में मंगलवार को एक संपादकीय स्तंभ में लिखा कि दोनों देशों का भविष्य बेहद उज्ज्वल है लेकिन अमेरिका को इस संबंध को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए इस पर आगे बढ़ऩा चाहिए। अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री जिम मैटिस की दिल्ली में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ कल बैठक होने वाली है।

दोनों देशों के बीच यह पहली टू प्लस टू वार्ता है। ओबामा प्रशासन के समय भारत में शीर्ष राजनयिक रहे रोयमर ने कहा कि इसी से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ महत्वपूर्ण संबंधों को कम प्राथमिकता दी क्योंकि यह तेजी से आगे नहीं बढ़ रहा है। यह दोनों पक्षों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने लेख में लिखा है कि वाशिंगटन में यह साझेदारी थम गई है लेकिन नई दिल्ली में इसे अब भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमरीका के साथ संबंध प्रगाढ़ बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक और विदेश नीति से जुड़ी रूचि स्पष्ट है। पूर्व राजनयिक ने कहा कि मोदी ने डोकलाम में चीन के साथ हाल में उत्पन्न तनाव और रूस के साथ हथियारों की खरीद के बीच अपने भौगोलिक पड़ोस में अपने संबंधों में संतुलन बनाया है। वहीं दूसरी ओर मोदी अमेरिका के साथ उज्जवल भविष्य देखते हैं।
      

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