टीआरएस का फैसला तेलंगाना के लोगों के हित में नहीं: कांग्रेस

नई दिल्लीःकांग्रेस ने तेलंगाना विधानसभा भंग करने के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फैसले को राज्य की जनता के खिलाफ बताया और कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने युवा पीढ़ी के डर से समय से पहले विधानसभा भंग की है।

कांग्रेस में तेलंगाना मामलों के प्रभारी आर सी खुंटिया ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि इस फैसले से तेलंगाना के लोगों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव की घोषणा जल्दी होती है तो चुनाव प्रक्रिया पूरा होने तीन से चार माह लग जायेंगे। उसके बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता होगी। इस तरह से राज्य में छह माह तक कोई नयी परियोजना शुरू नहीं हो सकेगी।

खुंटिया ने कहा कि तेलंगाना में चुनाव आयोग ने इसी माह मतदाता सूची की समीक्षा शुरू की है और यह काम एक जनवरी तक चलेगा। इससे पहले अगर चुनाव होते है तो 13 लाख नए युवा मतदाता वोट देने से वंचित रह जायेंगे और यदि बाद में चुनाव होता है तो वादाखिलाफी करने के कारण नाराका चल रहे युवाओं का गुस्सा टीआरएस को झेलना पड़ेगा।

बकौल खुंटिया- समय से पहले विधानसभा भंग करने की घोषणा कर टीआरएस ने खुद के पांव पर कुल्हाड़ी मारी है और यह तेलंगाना में टीआरएस युग का अंत है।

Related Stories:

RELATED तेलंगाना में TRS और BJP के निशाने पर हैं चंद्रबाबू नायडू