पर्दाफाश : ट्रैवल एजैंट लाइसैंस प्रक्रिया का कर रहे दुरुपयोग

जालंधर(अमित): प्रदेश सरकार द्वारा अवैध व जाली ट्रैवल एजैंटों को नकेल डालने के उद्देश्य से शुरू की गई ट्रैवल एजैंट लाइसैंस प्रक्रिया को शातिर एजैंट किसी अन्य कारोबारी के ट्रैवल लाइसैंस का दुरुपयोग कर अपने मोबाइल नंबर लिखकर जनता से फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।

जाली एजैंटों द्वारा लगाए गए जुगाड़ से किए जा रहे फर्जीवाड़े का सारा खामियाजा सही ट्रैवल कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया, जिसमें जालंधर के अंदर एम.के. ट्रैवल्ज के नाम से काम करने वाले एक ट्रैवल कारोबारी मुकेश कुमार के ट्रैवल लाइसैंस नंबर का अवैध इस्तेमाल कर एक शातिर एजैंट ने लुधियाना में लाखों रुपए की ठगी कर ली। 

मुकेश कुमार पुत्र विजय कुमार निवासी 1516, गली नं. 6, जज नगर, अमृतसर ने बताया कि वह पिछले एक साल से जालंधर में अपना कारोबार कर रहा है। इसके लिए उन्होंने डी.सी. दफ्तर से नियमित तौर पर ट्रैवल लाइसैंस नं. 566-एमसी1-एमए भी लिया है। मुकेश ने बताया कि सोमवार को उनके मोबाइल नंबर पर किसी सतनाम सिंह नामक अनजान व्यक्ति के मोबाइल नं. 62833-28992 से एक फोन आया। उसने पूछा कि मेरी फाइल का क्या बना है? मुकेश ने कहा कि मैं किसी काम से बाहर आया हूं, दफ्तर जाकर बता सकता हूं कि उसका करंट स्टेटस क्या है? 

सतनाम ने बताया कि कनाडा के वर्क परमिट की एक फाइल है। मुकेश ने कहा कि उन्होंने सतनाम को बताया कि वह तो वर्क परमिट में डील ही नहीं करते हैं, जिसके बाद सतनाम ने कहा कि आपने उससे 40-45 हजार रुपए भी लिए हैं और उसके पास रसीद भी पड़ी हुई है। मुकेश ने बताया कि जब जांच की तो लुधियाना में किसी सुरजीत सिंह बावा नामक व्यक्ति को सारे पैसे दिए थे, क्योंकि उसने लुधियाना में एम.के. ट्रैवल का ब्रांच ऑफिस बता कर ही सारी डील की थी। वहीं रसीद पर दिए गए मोबाइल नंबरों पर फोन करने की कोशिश की गई तो 3 में से 2 मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आए, जबकि एक नंबर पर किसी लड़की ने फोन उठाया और बाद में काट दिया, इसलिए सुरजीत सिंह का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। वहीं, मुकेश कुमार ने कहा कि वह अपने साथ हुई ठगी को लेकर डी.सी. और सी.पी. के पास लिखित शिकायत देने वाले हैं। 

लुधियाना के पते पर लगवाया जाली इश्तिहार
मुकेश ने बताया कि शातिर ठग सुरजीत सिंह ने एम.के. ट्रैवल के नाम से उनका लाइसैंस नंबर एवं जालंधर के दफ्तर का पता लिख कर एक जाली इश्तिहार लगवाया जिसमें उसने लुधियाना ब्रांच दफ्तर लिखा, जबकि उन्होंने लुधियाना में कोई दफ्तर खोला ही नहीं है। 

शातिर का अमृतसर में हरगुन कैरियर नाम से है एक दफ्तर
मुकेश ने बताया कि सुरजीत सिंह का नाम सुनते ही उन्हें पता लगा कि उसका तो हरगुन कैरियर के नाम से अमृतसर के सुल्तानविंड गेट, अजीत नगर में भी एक दफ्तर है, जहां से वह ट्रैवल एजैंट का कामकाज कर रहा है।

तरनतारन में पुलिस की गिरफ्त में भी आ चुका है सुरजीत सिंह 
मुकेश ने बताया कि सुरजीत सिंह के खिलाफ तरनतारन पुलिस के पास कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी जिसके पश्चात उसे गिरफ्तार भी किया गया था। इस दौरान बहुत से लोगों ने उस पर कनाडा भेजने के नाम पर 5-5 लाख रुपए की राशि वसूलने का आरोप लगाया था जिसके बाद वह अपना दफ्तर बदल कर अमृतसर से तरनतारन चला गया था। 

हमारी फर्म के नाम पर छपवाई जाली रसीद बुक
मुकेश ने बताया कि शातिर ठग सुरजीत सिंह ने उनकी फर्म के नाम पर एक जाली रसीद बुक भी छपवा रखी थी जिसमें लुधियाना का अपना पता, अपने फोन नंबर और अपना ई-मेल आई.डी. छापा था ताकि भोली-भाली जनता से पैसे ऐंठ कर बकायदा जाली रसीदें तक दी जाती थीं। 

दोषियों पर करेंगे कार्रवाई : शर्मा 
डी.सी. वरिंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। जैसे ही उनके पास शिकायत आएगी, वह तुरंत सी.पी. के पास भेज देंगे ताकि दोषियों के खिलाफ तुरंत बनती कार्रवाई की जा सके।

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