बाय-बाय कुक: उनकी वो 5 बड़ी पारियां जिन्हें भूला पाना होगा बेहद मुश्किल

स्पोर्ट्स डैस्क(राहुल): क्रिकेट को जन्म देने वाला इंग्लैंड आज कुछ समय के लिए खामोश पड़ गया है। इनकी खामोशी का कारण है एलिस्टर कुक का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेना। कुक ने भारत के खिलाफ आखिरी बार बैटिंग की। अब इसके बाद वह फिर मैदान पर गेंदबाजों की क्लास लगाते नहीं दिखेंगे। कुक के लिए यह विदाई मैच यादगार बन गया है क्योंकि उन्होंने 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के आखिरी मैच की पहली पारी में 71 आैर दूसरी पारी में 147 रनों की पारी खेल टीम को 4-1 से सीरीज दिलाई। कुक भले ही क्रिकेट छोड़ गए, लेकिन इंग्लैंड क्रिकेट उनकी उपलब्धियों को ताउम्र याद रखेगा। उन्होंने कई रिकाॅर्ड्स अपने नाम किए आैर कई बार टीम के लिए बड़ी पारियां खेलीं। आइए डालें कुक द्वारा खेली गईं उन 5 बड़ी पारियों के बारे में जिन्हें भूला पाना बेहद मुश्किल होगा-

118 बनाम श्रीलंका 


साल 2007 के अंत में इंग्लैंड टीम 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका दाैरे पर गई। गाले में हुए सीरीज के आखिरी मैच में कुक ने दूसरी पारी में 118 रनों की पारी खेली थी, जिसकी वजह से इंग्लैंड हारने से बचा। श्रीलंका ने पहली पारी 8 विकेट के नुकसान पर 499 रनों पर घोषित की। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 81 रनों पर ढेर हो गई। पहली पारी में कुक भी महज 13 रन बना सके। 418 रनों की बढ़त मिलने के कारण श्रीलंका ने इंग्लैंड को फोलोआॅन दिया। इंग्लैंड की हार निश्चित थी, क्योंकि खिलाड़ी संघर्ष करते दिख रहे थे। लेकिन तब कुक ने दम दिखाया आैर टीम को हार से बचाने के लिए एक छोर पर अकेले टिके रहे। कुक ने श्रीलंका को आसानी से विकेट नहीं लेने दिया। वह मैच के आखिरी दिन तक टिके रहे आैर टीम को हार से बचाने में कामयाब रहे। इस तरह इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 251 रन बनाए आैर मैच को ड्रा पर समाप्त किया। यह कुक की पारी ही थी, जिसने इंग्लैंड को हार से बचाया क्योंकि उन्होंने मुश्किल समय में 285 गेंदों का सामना किया। वह पांचवें दिन के खेल खत्म होने के आखिरी ओवर से पहले आउट हुए थे, लेकिन वह इससे पहले अपना काम कर गए थे। हालांकि बावजूद इसके इंग्लैंड को 1-0 से सीरीज गंवानी पड़ी, पर कुक द्वारा खेली गई यह पारी हमेशा याद रहेगी। 

190 बनाम भारत


साल 2012 के अंत में इंग्लैंड टीम भारत दाैरे पर 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने आई थी। पहला मैच भारत ने, जबकि दूसरा इंग्लैंड ने जीता। अब कोलकाता में हुआ तीसरा टेस्ट निर्णायक था। भारत ने पहली पारी में 316 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 523 रन बना डाले जिसमें 377 गेंदों में 190 रन कुक ने ही बना डाले। कुक ने भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम कर रखा था। उनको कोई भी गेंदबाज आउट नहीं कर पाया, पर वह दुर्भाग्य से कोहली के हाथों रन आउट हो गए। पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड के पास 137 रनों की बढ़त मिली। भारतीय बल्लेबाज दूसरी पारी में दवाब में आ गए आैर 247 रनों पर ढेर हो गए आैर इस तरह इंग्लैंड को 41 रनों का मामूली लक्ष्य मिला जिसे उन्होंने 7 विकेट रहते हासिल कर लिया। भारत यह सीरीज 2-1 से गंवा बैठा था। 

137 बनाम पाकिस्तान


कुक ने अपने वनडे करियर की सबसे बड़ी पारी पाकिस्तान के खिलाफ अबू धावी में 13 फरवरी 2012 को खेली थी। उनकी यह पारी पाकिस्तानी खेमा कभी भूला नहीं पाएगा। 4 मैचों की सीरीज के पहले मैच में इंग्लैंड पहले बल्लेबाजी करने उतरा। कुक के साथ केविन पीटरसन ओपनिंग करने आए। इंग्लैंड को 57 के स्कोर पर पीटरसन(14) के रूप में पहला झटका लगा। इसके बाद आए जोनाथन ट्रॉट भी 0 पर आउट हो गए, लेकिन कुक डटे रहे आैर उन्होंने टीम के लिए 142 गेंदो गेंदों का सामना करते हुए 14 चाैकों की मदद से 137 रनों की पारी खेल डाली। उनकी इस पारी की बदाैलत इंग्लैंड जैसे-तैसे 7 विकेट खोकर 260 रन बना सका। जवाब में पाकिस्तान के बल्लेबाज इंग्लिश गेंदबाजों के सामने 130 रनों पर ही धाराशाही हो गए आैर इंग्लैंड ने 130 रनों से मैच जीत लिया। कुक को 'मैन आॅफ द मैच' अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। इंग्लैंड ने इस सीरीज में पाकिस्तान का 4-0 से सूपड़ा साफ किया था।

235 बनाम आॅस्ट्रेलिया


नबंवर 2010 में इंग्लैंड- आस्ट्रेलिया के बीच 5 टेस्ट मैचों की एशेज सीरीज हुई। ब्रिस्बेन स्टेडियम में हुए पहले मैच में कुक ने अपने दम पर मैच ड्रा करवाया था। कुक ने दूसरी पारी में 26 चाैकों की मदद के साथ नाबाद 235 रनों की पारी खेली थी। उनकी पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने कंगारूओं की क्लास लेते हुए 428 गेंदों का सामना किया। उनकी यह पारी आज भी कंगारूओं को याद है। इंग्लैंड की पहली पारी 260 रनों पर ढेर हो गई। जवाब में आॅस्ट्रेलिया ने 481 रन बनाए। आॅस्ट्रेलिया के पास 221 रनों की मजबूत बढ़त थी। इंग्लैंड यह मैच हार सकता था, पर कुक क्रीज पर डटे रहे आैर उन्होंने अपना विकेट अाॅस्ट्रेलिया को नहीं लेने दिया। ऐसे में इंग्लैंड ने आखिरी दिन दूसरी पारी 517 पर घोषित कर आॅस्ट्रेलिया को 296 रनों का लक्ष्य दिया। आॅस्ट्रेलिया 1 विकेट खोकर 107 रन ही बना सका आैर मैच ड्रा पर समाप्त हुआ। बता दें कि इंग्लैंड 3-1 से एशेज सीरीज पर कब्दा किया था। 

147 बनाम भारत


कुक ने अपने करियर की सबसे यादगार पारी अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के आखिरी मैच के दाैरान खेली। भारत के खिलाफ 7 सितंबर 2018 को द ओवल स्टेडियम में भारत के खिलाफ हुए 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के आखिरी मैच के दाैरान कुक ने दूसरी पारी में 286 गेंदों में 147 रनों की पारी खेली। इस मैच में भारत को 118 रनों की बड़ी हार मिली। वहीं कुक को मैन आॅफ द मैच अवाॅर्ड से नवाजा गया। इंग्लैंड ने पहली पारी में कुक के 71 रनों की बदाैलत 332 रन बनाए। वहीं भारत की पहली पारी 292 रनों पर ढेर हो गई। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 423 रन बनाते भारत के सामने 464 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। लेकिन भारत दूसरी पारी में 345 रन ही बना सका आैर इंग्लैंड ने यह मुकाबला अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड ने 4-1 से सीरीज पर कब्जा किया आैर कुक को 'मैन आॅफ मैच' अवाॅर्ड से नवाजा गया। कुक ने शतकीय पारी खेल कई रिकाॅर्ड्स बना दिए। उन्होंने टेस्ट में सर्वाधिक रनों के मामले में कुमार संगकारा(12,400) को पीछे छोड़ा आैर खुद 12,472 रनों के साथ टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में 5वें स्थान पर आ गए।

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