पीजीटी पोस्ट परीक्षा में बैठने से पहले ही हजारों टीचर दौड़ से बाहर, जाने क्या है वजह

नई दिल्ली:दिल्ली सरकार के स्कूलों में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) पद के लिए चार साल बाद वैकेंसी निकाली गई है। लेकिन इस बार पीजीटी में भर्ती के लिए आयु की अवधि घटा दी गई है। इस हिसाब से सिर्फ 30 साल की आयु वाले उम्मीदवार ही पीजीटी के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह जानकारी शिक्षा निदेशालय द्वारा सर्कुलर जारी करके दी गई है। जबकि इसे पहले आयु सीमा 36 साल थी और इस बार छह साल घटा दी गई है। 


इसकी वजह से कई शिक्षकों की उम्मीद टूट गई है। आयु सीमा कम होने की वजह से हजारों शिक्षक अपने आप ही पीजीटी पद में भर्ती के दौड़ से बाहर हो जाएंगे। शिक्षकों की माने तो पिछले कई सालों से वो पीजीटी की भर्ती का इंतजार कर रहे थे, किंतु आयु की सीमा घटाने की वजह से अब कई शिक्षक सीधे बाहर हो जाएंगे। ज्ञात हो कि पीजीटी पोस्ट में 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों के लिए भर्ती होती है। 


ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स के पदाधिकारी शोएब राणा ने बताया कि वर्ष 2014 के चार साल बाद 2018 में वैकेंसी निकली है। ऐसे में शिक्षा विभाग को पीजीटी पद के लिए 36 आयु से बढ़ानी चाहिए थी, जबकि उन्होंने इसको घटा दी है। वैसे भी पीजीटी परीक्षा में बैठने की तैयारी में युवाओं की आयु 27 से 28 हो जाती है। इसमें चार साल भर्ती न निकलने के कारण भी बिना परीक्षा दिए ही रहना पड़ा। ऐसे में पीजीटी में आयु की अवधि को घटा कर युवाओं तथा गेस्ट टीचर्स के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। उनका भविष्य अंधकार में चला गया है। हमारी यही मांग है कि दिल्ली सरकार आने वाली वैकेंसी में ओवर ऐज हुए गेस्ट टीचर्स को उम्र में छूट दे जिससे गेस्ट टीचर्स एग्जाम में बैठ सके। 

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