खास रहा इस साल संसद का मानसून सत्र

नेशनल डेस्क:मानसून सत्र का आखिरी दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। आखिरी दिन सरकार ट्रिपल तलाक़ पर संशोधन बिल राज्यसभा में पेश करने वाली थी लेकिन राफेल डील पर विपक्ष के विरोध के चलते अगले सत्र के लिए लटक गया है। पार्लियामेंट का मानसून सत्र 18 जुलाई से 10 अगस्त तक का था। इस सत्र में सरकार की ताक़त दिखी तो विपक्ष की बेबसी भी दिखी।

सामाजिक न्याय के नए मानक गड़े गए तो जनता से जुड़े महत्वपूर्ण बिल भी पास हुए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए सरकार एससी एसटी संशोधन बिल भी लेकर आई। पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा मिला। लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बुरी तरह गिरा तो राज्यसभा में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह आसानी से उपसभापति चुन लिए गए।

  • इस सत्र की ख़ास बातें  :
  • 20 नए  बिल पेश किये गए 
  • 23 बिल लोकसभा में पास हुए 
  • 10 बिल राज्यसभा में पास हुए।
  • 4 बिल वापिस लिए गए। 
  • लोकसभा में 110 फीसदी काम हुआ।
  • राज्यसभा में 66 फीसदी काम हुआ।
  • लोकसभा में 112.1 घंटे तो राज्यसभा में 62.5 घंटे काम हुआ।

मानसून सत्र के कुछ उल्लेखनीय क्षण

1.राहुल गांधी की झप्पी और आंख मारना 

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने भाषण के बाद अपनी सीट से उठे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले लग गए। राहुल गांधीगिरी का दांव तब उल्टा पड़ गया जब सीट पर बैठते ही उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को आंख मार दी। राहुल की इस हरकत में सोशल मीडिया में तो मज़ाक उड़ा ही लेकिन सदन में प्रधानमंत्री मोदी ने भी राहुल गांधी की खिचाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


2) राफेल डील पर फ्रेंच सरकार का स्पष्टीकरण

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान राफेल डील को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें खुद फ्रांस के राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच कोई गोपनीयता समझौता नहीं हुआ है। इस पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया ही साथ ही साथ इस आरोप में फ्रांस ने कहा है कि राफेल डील को लेकर भारत-फ्रांस के बीच गोपनीयता का समझौता हुआ था। 

3)  राज्यसभा में पहली बार पहली अवधि की महिला सदस्य कहकशां परवीन ने प्रश्नकाल की अध्यक्षता की

4) मानसून सत्र के चौथे दिन कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में जासूसी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा की यह निगरानी है। वह कौन है? वह नोट क्यों ले रहा है? वह एमपी की संख्या गिन रहा है।

 

Related Stories:

RELATED 1971 से पहले असम आने वालों को एनआरसी में शामिल किया जाएगा : एसओपी