Kundli Tv- शनि की टेढ़ी नज़र से बचने का है ये बेहद खास दिन

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PunjabKesari11 अगस्त शनिवार को अमावस्या आ रही है इसलिए यह तिथि शनि अमावस्या कहलाएगी। इस दिन सूर्य ग्रहण लगने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। पुराणों के अनुसार शनि अमावस्या बहुत खास दिन होता है। इस दिन आसान उपाय करके शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या और पितृ दोषों से मुक्ति पाई जा सकती है। विद्वानों का कहना है इस दिन शनि मंदिर में बैठकर शनि के मंत्रों का जाप करना चाहिए-

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शनि स्तोत्र
नमस्ते कोणसंस्थाय पिडगलाय नमोस्तुते। नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोस्तु ते।।
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चान्तकाय च। नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो।।
नमस्ते यंमदसंज्ञाय शनैश्वर नमोस्तुते। प्रसादं कुरू देवेश दीनस्य प्रणतस्य च।।

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वैदिक शनि मंत्र
ऊँ शन्नोदेवीरभिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः

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पौराणिक शनि मंत्र
“ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

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तांत्रिक शनि मंत्र
ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः नमः


उड़द दाल की खिचड़ी और तेल से बने पकवानों का दान करना चाहिए।


काली चिंटियों को शक्कर डालें। 


पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपदान करें। धूप-अगरबत्ती लगाने के बाद सात परिक्रमा करें।


चमड़े के जूते-चप्पल किसी मेहनत करने वाले मजदूर को दान करें।


शनि अमावस्या के दिन घर में शमी का पेड़ लगा कर उसकी पूजा करें। थोड़े ही दिनों में आप नोटिस करेंगे की आपके अच्छे दिनों का आरंभ हो गया है। 


काली गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं, माथे पर सिंदूर का तिलक लगाएं। फिर उसके चरण स्पर्श करें।

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