भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर व रियल एस्टेट  अवसरों की कोई कमी नहीं

नई दिल्लीःदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट का क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। सुविधायुक्त शहर बनाने की बड़ी योजनाओं से कुशल लोगों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार भी बने हैं।  

 

नीट में 35 परसेंटाइल के अभ्यर्थी को आयुष में मिल सकेगा दाखिला
सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स बिजनेस एंड रिसर्च (सीईबीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। इसका असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा और काम में तेजी आएगी।  माना जा रहा है कि यह विकास 2020 तक जारी रहेगा। आज 50 के करीब नामी-गिरामी रियल एस्टेट कंपनियां इंडियन स्टॉक मार्केट में दर्ज हैं और बड़े पैमाने पर नौकरी दे रही हैं।

कौशल की मांग
इस क्षेत्र में बने रहने के लिए नेटवर्किंग का कौशल बहुत जरूरी है। इसके लिए पेशेवरों को लोगों से लगातार अपनी जान-पहचान बढ़ाकर संपर्क सूची मजबूत करने के बारे में सोचना चाहिए। जमीन, फ्लैट, विला, व्यावसायिक भवन, मॉल आदि खरीदकर बेचने के लिए उच्च दर्जे का मार्केटिंग स्किल होना चाहिए। मार्केट व प्रॉपर्टी के दाम में उतार-चढ़ाव की नियमित जानकारी होनी चाहिए।  

बैचलर डिग्री के बाद बेशुमार मौके

विज्ञान विषय से 12वीं पास छात्र सिविल व स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में बीटेक कर सकते हैं। अगर कला विषयों के साथ 12वीं कर चुके हैं तो बीबीए में प्रवेश ले सकते हैं। जबकि स्नातक छात्र सेल्स, मार्केटिंग व फाइनेंस में एमबीए कर सकते हैं। बीबीए कर चुके छात्र भी एमबीए की राह चुन सकते हैं। 


पद और पैसा दोनों हैं इस क्षेत्र में
आधारभूत निर्माण से संबंधित विकास में कुशल व्यक्ति की हर कदम पर जरूरत पड़ती है। सिविल इंजीनियर, टाउन प्लानर आदि की जहां आधारभूत ढांचों के निर्माण की योजनाओं में जरूरत होती है, वहीं अकाउंटेंट व फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे विशेषज्ञ ऐसी योजनाओं में बजट संबंधी कार्य देखते हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए इस क्षेत्र में भविष्य एवं पैसा दोनों हैं।        

 

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