ट्रंप के नामित जज पर आरोप लगाने वाली फोर्ड के पक्ष में उतरीं महिलाएं

 लॉस एंजलिसः लॉस एंजलिसः अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारासुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए  नामित ब्रेट कैवनॉग पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिला के बचाव में बड़ी संख्या में लोग उतर आए हैं। दरअसल  ट्रंप ने महिला पर एक प्रकार का संदेह जताते हुए कहा कि यह आरोप पहले क्यों नहीं लगाया गया।  मामला 1980 के दशक का है। क्रिस्टीन ब्लासे फोर्ड ने आरोप लगाया कि ब्रेट कैवनॉग  ने हाई स्कूल पार्टी के दौरान उन्हें गिरा दिया और उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की।


ट्रंप ने अपनी टिप्पणी में कहा कि फोर्ड को बहुत पहले ही ये आरोप लगाने चाहिए थे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने हैशटैग व्हाए आई डिडन्ट रिपोर्ट पर इसका जवाब दिया है। ट्रंप की पार्टी की महिलाओं समेत हजारों साधारण महिलाओं ने ट्रंप के बयान को बकवास बताया है। मिशिगन से गर्वनर पद की प्रत्याशी ग्रेटचेन विट्मर ने इस हैशटैग पर ट्वीट किया, ‘क्योंकि मैं महज 18 साल की थी और मैं डरी हुई थी और मैं किसी और के हिंसक आपराधिक कृत्य से नहीं पहचाना जाना चाहती थी।’ न्याय मंत्रालय के 2016 के आंकड़ों के मुताबिक यौन उत्पीड़न  का शिकार होने का दावा करने वाले 77.1 फीसदी लोग पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज नहीं कराते।

इस मामले में ट्रंप ने शुक्रवार को ट्वीट किया था, ‘मुझे इस बात पर जरा भी संदेह नहीं है कि डॉक्टर फोर्ड पर हुआ हमला उतना खराब था जितना वह बता रहीं हैं तो आरोप उसी वक्त लगाने चाहिए थे।’ उनके इस ट्वीट के बाद ‘मी टू’ अभियान की तरह ही सोशल मीडिया पर लोगों की बाढ़ आ गई। हैशटैग ‘व्हाए आई डिडन्ट रिपोर्ट’ में फोर्ड के बचाव में किए गए ट्वीट में लोगों की राय थी कि-इस डर से नहीं बताया कि लोग विश्वास नहीं करेंगे अथवा बोलने के बाद क्या अंजाम हो सकते हैं,या शर्म और झिझक के कारण मुंह नहीं खोला।’ दिवंगत राष्ट्रपति रॉनल्ड रीगन की बेटी पैटी डेविस ने वाशिंगटन पोस्ट में ओपन एड में लिखा कि संगीत के क्षेत्र से जुड़े एक व्यक्ति ने उनसे दुष्कर्म किया था और दशकों तक उन्होंने इसे राज बनाए रखा। 

Related Stories:

RELATED ओडिशा के आश्रय गृहों में यौन दुव्र्यवहार के मामले शर्मनाक : मेनका