किरिट पारिख ने बताया पेट्रोल-डीजल पर कैसे 'लूट' रही है सरकार

नेशनल डेस्कःकांग्रेस समेत देश के विभिन्न राजनीतिक दलों ने आज पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद बुलाता था। विपक्ष के भारत बंद पर सरकार के मंत्री लगातार कह रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय कारणों की वजह से पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं।

वहीं अब इस मामले पर एक्सपर्ट की राय सामने आई है। एनर्जी एक्सपर्ट डॉ. किरिट पारिख का कहना है कि हमने ही तत्कालीन मनमोहन सरकार को पेट्रोल-डीजल को डिरेगुलेट करने की बात कही थी। जिसे यूपीए और एनडीए दोनों ने स्वीकार भी किया। बता दें कि किरिट पारिख वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने करीब 8 साल पहले सरकार से पेट्रोल-डीजल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की सिफारिश की थी।

पारिख ने कहा कि इस वक्त परिस्थिति इसलिए बिगड़ी हैं क्योंकि केंद्र सरकार बहुत अधिक टैक्स वसूल रही है। उन्होंने कहा कि करीब 100 फीसदी टैक्स सराकर की तरफ से वसूला जा रहा है। सरकारें ये नहीं कह सकती है कि वह अमीरों को लूटकर गरीबों को दे रही है क्योंकि पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल गरीब भी करते हैं।

एनर्जी एक्सपर्ट ने इस समस्या से निपटने का तरीका बताते हुए कहा कि अगर लोगों को परेशानी से बचाना है तो टैक्स को कम करना होगा। केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को अपना टैक्स कम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र को 2-3 फीसदी और राज्य सरकारों को 5 फीसदी तक टैक्स में कटौती करनी चाहिए। पारिख ने बताया कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स वसूलना सबसे आसान होता है और हमारे देश में इसे सबसे ज्यादा वसूला जाता है।

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने की मांग पर भी उन्होंने जवाब दिया। पारिख ने कहा कि अगर फ्यूल को जीएसटी में किया जाएगा तो कलेक्शन नहीं बढ़ेगा और केंद्र सरकार धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल कर सकती है। कुछ समय के लिए उसे राज्यों को घाटे से उबारने के लिए पैसा भी देना होगा।

बता दें कि आज भी पेट्रोल-डीजल के रेट में आज भी कमीं नहीं आई, बल्कि दाम और बढ़ गए हैं। पेट्रोल पर 23 पैसे और डीजल पर 22 पैसे की बढ़ोतरी हुई। पेट्रोल-डीजल पर बढ़ती कीमतों के विरोध में विपक्ष ने आज भारत बंद किया।

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