जेएनयू में मतदाताओं की संख्या घटी, संगठनों की समस्या बढ़ी

नई दिल्ली:जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में पिछले साल की तुलना में इस साल मतदाताओं की संख्या घटी है। पिछले साल जहां पर 8045 मतदाता थे, वहीं इस बार मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 7 हजार हो गई है। इस बारे में चुनाव आयोग के अध्यक्ष हिमांशु कुलश्रेष्ठा ने बताया कि अभी हमारे पास मतदाताओं की सटीक संख्या नहीं है। 

लेकिन अब 7,700 छात्र मतदाता सूची में शामिल हो चुके है। साथ ही अभी-भी छात्र अपने नाम को वोटर लिस्ट में जुडऩे का काम चल रहा है। वर्ष 2017 की छात्र संघ चुनाव में मतदान प्रतिशत में गिरावट आई थी। यही वजह है कि इस बार सभी संगठन विभिन्न पैतरों से छात्रों को लुभाने में लगी है।

बहरहाल, पिछले साल की मतदान प्रतिशत को देखते हुए सभी संगठनों ने कमर कस ली है। साथ ही छात्रों से आग्रह कर रहे है कि सभी छात्र इस लोकतांत्रिक पर्व में हिस्सा लें। ज्ञात हो कि वर्ष 2017 में 8045 मतदाताओं में से सिर्फ 4637 छात्रों ने ही अपने मतों का प्रयोग किया था। जोकि वर्ष 2016 की तुलना में एक फीसदी मत कम पड़े थे। इसको देखते हुए सभी संगठन एबीवीपी, आईसा, डीएसएफ, एसएफआई, बापसा और एनयूएसआई प्रचार के जरिए छात्रों को मतदान देने के लिए जागरूक कर रहे है। इस दौरान संगठन ऐसे छात्रों की पहचान करने में जुटे है, जोकि किसी भी संगठन को पसंद नहीं करते हैं।
 

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