चुनावों में मुद्दा बनकर रहेंगी शहर की टूटी सड़कें

जालंधर (खुराना):लोकसभा चुनाव सिर पर आ गए हैं और विभिन्न दलों ने इन चुनावों हेतु कमर कस ली है। दूसरी ओर शहर की तमाम सड़कें बुरी तरह टूटी हुई हैं, जिसके कारण सत्तापक्ष यानी कांग्रेस को बदनामी झेलनी पड़ रही है। मुख्य विपक्षी दल अकाली-भाजपा ने अपनी बैठकों दौरान टूटी सड़कों को मुख्य मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है और कांग्रेस पर आरोप लग रहे हैं कि वह पंजाब का विकास नहीं करवा पा रही है। 

शहर की सड़कें न बन पाने के पीछे मुख्य कारण नगर निगम की आॢथक तंगी है, जिसके चलते ठेकेदारों को पुराने भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में ठेकेदारों ने नगर निगम को छोड़कर पी.डब्ल्यू.डी., मंडी बोर्ड व अन्य विभागों की सड़कों को बनवाना शुरू कर दिया है, परंतु जालंधर निगम के तहत आती सड़कों पर लुक-बजरी डालने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इन दिनों मौसम खराब चल रहा है, जिसके कारण सड़कों का निर्माण और लटकने की सम्भावना है। 

ठेकेदारों को 10 करोड़ भी नहीं मिले 
पंजाब सरकार ने पिछले दिनों डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से पी.आई.डी.बी. के पहले चरण में हुए कामों की एवज में 10 करोड़ रुपए की राशि का चैक निगम को भिजवाया था, जो निगम को मिल तो गया है, परंतु उक्त चैक को बैंक में नया अकाऊंट खुलवा कर कैश होने हेतु दे दिया गया है। बैंक अधिकारी 31 मार्च तक पेमैंट करने के मूड में नहीं हैं, जिसके कारण उक्त 10 करोड़ रुपए ठेकेदारों को नहीं मिल पा रहे हैं।

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