कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ‘यौन शोषण’ पीड़िता की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

नेशनल डेस्क: यौन उत्पीडऩ की शिकार बच्ची का भविष्य सुरक्षित करने के इरादे से कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को उसका किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलाने की दिशा में पहल की। इस बच्ची का चार साल की उम्र में स्कूल के दो शिक्षकों ने कथित रूप से यौन शोषण किया था।

न्यायमूर्ति नादिरा पथेरिया ने यहां एक स्कूल (जहां कथित तौर पर यह घटना हुई थी) को छात्रों के साथ किए जाने वाले बर्ताव को लेकर शिक्षकों के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि उनकी (छात्रों की) सुरक्षा और उनके व्यक्तित्व का उचित विकास सुनिश्चित किया जा सके। अदालत ने 20 सितंबर तक दिशानिर्देश अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश भी दिया। 

न्यायमूर्ति नादिरा पथेरिया ने पीड़िता के पिता से कहा कि वह शुक्रवार को अदालत को उस स्कूल का नाम बताए जिसमें वह अपनी बेटी का दाखिला कराना चाहते हैं। पीड़िता के पिता की वकील प्रियंका टिबरेवाल ने अदालत से कहा था कि कई स्कूल बच्ची को दाखिला देने से मना कर चुके हैं। उनका कहना है कि उसकी आयु पांच वर्ष हो जाने की वजह से वह दाखिले के लिये उम्र की सीमा पार कर चुकी है। इसके बाद ही अदालत ने ये निर्देश जारी किए।      
    

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