अध्यापकों का 15 फरवरी तक हो संविलियन: गोविंद सिंह

भिंड:मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में संविदा शाला शिक्षक भर्ती में हुए कथित फर्जीवाड़े की जांच के नाम पर वर्ष 2006 से 2011 के अध्यापकों का संविलियन रोकने के मामले में राज्य के सामान्य प्रशासन एवं सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने भिण्ड कलेक्टर को एक समय सीमा में कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

 

आधिकारिक जानकारी के अनुसार डॉ सिंह द्वारा कल इस संबंध में कलेक्टर छोटे सिंह को जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि 15 फरवरी से पहले अध्यापकों का संविलियन किया जाए। साथ ही आचार संहिता से पहले क्रमोन्नति और पदोन्नति की कार्रवाई पूर्ण की जाए। उन्होंने इसे प्रमुखता से लेते हुए तत्काल कुछ अध्यापकों को अपने निवास पर बुलाया। इनसे उन्होंने पूरे मामले की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने यह भी कहा कि 15 फरवरी के बाद अभियान चलाकर क्रमोन्नति/ पदोन्नति की कार्रवाई पूरी करें। 

 

उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और जिला शिक्षा अधिकारी भिण्ड को कार्य करने की समय सीमा निर्धारित करें। ताकि वर्षों से पीडित संविदा शिक्षकों/अध्यापकों की समस्याओं का निराकरण हो सके। सहकारिता मंत्री ने कलेक्टर को फोन पर अध्यापकों के छठवें वेतनमान का एरियर भी शीघ्र भुगतान करने के आदेश दिए हैं। साथ ही अध्यापकों की सर्विस बुक का सत्यापन शीघ्र किया जाए। यहां बता दें कि जिले के अधिकांश शिक्षकों को सर्विस बुक के सत्यापन के नाम पर छठवें वेतनमान के एरियर का भुगतान नहीं हुआ है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में अध्यापकों को यह एरियर मिल गया है। 

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