स्वाइन फ्लू बढ़ा सकता है मुसीबत, ऐसे करें बचाव

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): देशभर में स्वाइन फ्लू के चलते सात लोगों की मौत और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में फैलते एच1एन1 की वजह से सूबे का स्वास्थ्य विभाग भी सकते में आ गया है। अभी हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर बीमार हो गए। नतीजतन स्वास्थ्य निदेशालय के स्तर पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। विभाग ने सभी अस्पतालों को जरूरी इंतजाम करने और स्वाइन फ्लू के लिए आइसोलेटेड वार्ड तैयार करने के भी निर्देश तो जारी कर ही दिए हैं, आम लोगों को सतर्क रहने के लिए विशेष सलाह देने के लिए अभियान भी शुरू कर दिया है। 



क्या है मौसमी इन्फ्लुएंजा एच1एन1 (स्वाइन फ्लू)

  • एच1एन1 मौसमी इन्फ्लुएंजा एक प्रकार का स्वंय-सीमित वायरल रोग है। यह श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जो ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है। यह कण और हवा के द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। अगर संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया गया हो तो दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी यह वायरस फैल सकते हैं। 
  • लक्षण : बुखार एंव खांसी, गला खराब, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में तकलीफ एवं अन्य लक्षण जैसे बदन दर्द, सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी, बलगम में खून आना इत्यादि भी हो सकते हैं।
  • माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षण :बुखार, खांसी, सर्दी, शरीर में दर्द होना व थकान महसूस होना (माइल्ड स्वाइन फ्लू का इलाज लक्षणों पर आधारित होता है, ऐसे लक्षणों में टेमीफ्लू दवा लेने की या जांच की जरूरत नही होती)
  • मॉडरेट स्वाइन फ्लू के लक्षण : इस श्रेणी के मरीजों में माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षणों के अतिरिक्त तेज बुखार और गले में तेज दर्द होता है या मरीज में माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षणों के साथ, निम्नलिखित हाई रिस्क कंडीशन है तो रोगी को स्वाइन फ्लू की दवा टेमीफ्लू दी जाती है। 


 

जोखिम वाले वर्ग

  • छोटे बच्चे, गर्भवती महिलायें
  • 65 साल या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति 
  • फैफड़े कि बीमारी, दिल कि बीमारी, गुर्दे कि बीमारी, मधुमेह  रोग, कैंसर इत्यादि से ग्रसित व्यक्ति 


ऐसे रहें सतर्क

  • खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े अथवा रुमाल से अवश्य ढकें
  • अपने हाथों को साबुन व पानी से नियमित धोयें
  • भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
  • फ्लू से संक्रमित हों तो घर पर ही आराम करें
  • फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से एक हाथ तक की दूरी बनाए रखें
  • पर्याप्त नींद और आराम लें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी/तरल पदार्थ पियें और पोषक आहार खाएं
  • फ्लू से संक्रमण का संदेह हो तो चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।



गंभीर स्वाइन फ्लू के लक्षण   

  • सामान्य स्वाइन फ्लू के लक्षणों के साथ सांस लेने में दिक्कत
  • छाती में तेज दर्द, ब्लड प्रेशर कम होना,बलगम में खून आना
  • नाखून नीले पड़ जाना 

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