सुरेश कश्यप को जन्मदिन पर मिला टिकट का तोहफा, शिमला संसदीय क्षेत्र से लड़ेंगे चुनाव

राजगढ़ (गोपाल शर्मा): पच्छाद से भाजपा के विधायक सुरेश कश्यप को आखिर भाजपा हाईकमान ने जन्मदिन के तोहफे के रूप शिमला संसदीय क्षेत्र का टिकट दे दिया। भाजपा ने इस बार शिमला संसदीय सीट पर युवा चेहरे पर दांव खेला है। वायु सेना में सेवाएं दे चुके सुरेश कश्यप की अब नई परीक्षा है। वह इस परिक्षा मे सफल होते हैं या असफल यह तो भविष्य के गर्भ मे छुपा है और परिणाम 23 मई को आएगा। वर्तमान में सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से जयराम सरकार में विधायक सुरेश कश्यप को पार्टी आलाकमान ने लोकसभा चुनाव-2019 के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। खास बात ये भी है कि 23 मार्च को सुरेश कश्यप का जन्मदिन भी था। लिहाजा राजनीतिक गलियारों सहित आम लोगों में इस बात की भी चर्चा है। अपने सौम्य व मिलनसार स्वभाव के कारण ही वह लगातार पच्छाद विधानसभा सीट से दूसरी मर्तबा जीतकर हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में पहुंचे हैं।

2 बार कांग्रेस के दिग्गज नेता गंगूराम मुसाफिर को हराया

सुरेश कश्यप का जन्म 23 मार्च,1971 को पच्छाद के पपलाहा गांव में हुआ। उनकी सादगी व उच्च शिक्षा भी वजह मानी जा रही है कि पार्टी आलाकमान ने इस बार शिमला संसदीय सीट से उन्हें टिकट दिया है। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में सुरेश कश्यप ने लगातार 2 बार कांग्रेस के दिग्गज नेता गंगूराम मुसाफिर को हराया। 10 मई, 1997 को सुरेश कश्यप का विवाह रजनी कश्यप के साथ हुआ। वायु सेना में सेवाएं देने के बाद ही सुरेश कश्यप बीजेपी के साथ जुड़े। पच्छाद विकास खंड में पंचायत समिति में 2005-10 तक बतौर सदस्य के तौर पर कश्यप ने अपनी एक अलग पहचान बना ली। 2006 से 2009 तक भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष पद पर रहे और पार्टी संगठन के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया। 2017 में दोबारा निर्वाचित होने के बाद उन्हें सामान्य विकास समिति का चेयरमैन भी बनाया गया है। इसके अलावा कल्याण व आचार समिति के विधानसभा में सदस्य भी हैं। सुरेश कश्यप ने 7 बार के कांग्रेसी दिग्गज विधायक को लगातार 2 बार पटखनी दी।

लोक प्रशासन में की है एम.फिल.

पच्छाद से 2 मर्तबा विधायक बन चुके सुरेश कश्यप ने लोक प्रशासन में एम.फिल. की है। अंग्रेजी व टूरिज्म स्टडी में पोस्ट ग्रेजुएशन भी की है। वहीं लोक संपर्क व संचार प्रबंधन में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है. बी.एड. की डिग्री भी कश्यप ने हासिल की हुई है। इस युवा नेता ने भारतीय वायु सेना में 22 अप्रैल, 1988 को अपनी सेवाएं शुरू की थी। करीब 16 साल देश की सेवा के बाद सीनियर नॉन कमीशंड ऑफिसर के पद से रिटायर हुए और अब देश की सबसे बड़ी पंचायत में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं।

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