महाराष्ट्र संस्कृति की तर्ज पर सजेगा हरियाणा का सूरजकुंड मेला

फरीदाबाद (देवेंद्र कौशिक):फरीदाबाद में लगने वाले अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले को शुरू होने में अब दस दिन का समय शेष रह गया। इसके चलते मेला परिसर में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार सुरजकुंड मेले में पर्यटकों को थीम स्टेट महाराष्ट्र की संस्कृति से अलग वहां के स्वादिष्ट व्यंजनों का जायका लेने का मौका मिलेगा। इसके ही वहीं दर्शकों को महाराष्ट्र की संस्कृति को दर्शाने वाले लोक नृत्य को देखने का मौका मिलेगा। जबकि पार्टनर कंट्री के रूप में थाईलैंड रहेगा।



मिली जानकारी के मुताबिक पर्यटकों का सूरजकुंड मेले में महाराष्ट्र का प्रसिद्ध वड़ापाव, मोदक और पुरणपोल के लजीज स्वाद चखने को मिलेंगे। वहीं लावणी पोवड़ा, मछुआरों का कोली नृत्य जैसे लोक सांस्कृतिक नृत्य भी देखने का मौका मिलेगा। साथ ही बॉम्बे चौपाटी की भेलपूड़ी, तांबड़ा-पांडारा रसा, स्पेशल कोल्हापुरी मटन, कांदा पोहे, उपमा, पिटला भाकर, थालीपीट, शीरा (हलवा), समुद्री केकड़े तथा मालवण क्षेत्र का चटकारे लेकर खाया जाने वाला सी फूड भी परोसा जाएगा।



सूरजकुंड मेला के प्रबंध निदेशक राजेश जून ने बताया के महाराष्ट्र की सांस्कृतिक प्रस्तुति के तहत विश्व प्रसिद्ध लावणी नृत्य के अलावा, पोवाड़ा, तमाशा, दशावतार पारंपरिक नृत्य कला के साथ-साथ मार्शल आर्ट, खतरनाक तलवारबाजी और दंडा पट्टा के नाम उल्लेखनीय है। उन्होंने बताया कि थीम स्टेट हस्तशिल्प में वर्ली पेंटग, चित्रकाठी पेंटग, तांबे के बर्तन, आदिवासी कागज जाल मुखौटे, इचलकरंजी के चांदी के आभूषण, पैठनी और नौ गज की साड़ियां, कोल्हापुरी चप्पलों के अलावा मेजबान हरियाणा के गोहाना का जलेबा, राजस्थानी दालबाटी चूरमा, पंजाब की मक्के की रोटी, सरसों का साग और छोले भटूरे, दिल्ली की चाट, कुल्फी, पिज्जा, बर्गर जैसे स्टाल हर की भांति इस बार मेला परिसर में सजेंगे।

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