सुप्रीम कोर्ट ने जुल्फी बुखारी की नियुक्ति पर सरकार से जवाब मांगा

इस्लामाबाद: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के विशेष सहायक जुल्फी बुखारी की नियुक्ति पर सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। बुखारी को विदेशों में रह रहे पाकिस्तानी एवं मानव संसाधन विकास मामलों को लेकर प्रधानमंत्री का विशेष सहायक नियुक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने सितंबर में अपने करीबी जुल्फीकार हुसैन बुखारी उर्फ जुल्फी बुखारी को विशेष सहायक नियुक्त किए थे। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार लाहौर से मोहम्मद आदिल चथा और कराची से मिर्जा अब्दुल मोइज बेग ने उनकी नियुक्ति के खिलाफ याचिका दायर की। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश(सीजेपी) मियां साकिब निसार की अगुवाई में आज मामले की सुनवाई हुई जिसमें सीजेपी ने टिप्पणी की कि महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कर्तव्य है। ऐसे मुद्दों को राष्ट्रीय हितों के अनुसार लिया जाना चाहिए न कि दोस्ती के आधार पर। 

बुखारी के वकील ऐतजाज अहसान ने अदालत से कहा कि प्रधानमंत्री को अपने विशेष सलाहकार नियुक्त करने का अधिकार है। इसपर सीजेपी ने कहा कि प्रधानमंत्री लोगों के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा,‘‘प्रधानमंत्री को अपनी इच्छा के अनुसार मामलों को नहीं बढ़ाना चाहिए, हम तय करेंगे कि मामले संविधान के अनुसार चल रहे हैं या नहीं।‘‘ उन्होंने कहा कि उच्च पदों पर नियुक्ति में भाई भतीजावाद नहीं होना चाहिए। इसपर वकील ने कहा कि बुखारी को संवैधानिक पद नहीं दिया गया है। उन्हें नियमों के अनुसार नियुक्त किया गया। अहसान ने कहा,‘’ बुखारी केबिनेट के सदस्य नहीं हैं।‘’ 

Related Stories:

RELATED सुप्रीम कोर्ट ने दिए आम्रपाली की लग्जरी कारें बेचने के आदेश