मोटी फीस वसूल रहा CBSE,सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीमकोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के खिलाफ अवमानना याचिका को लेकर बोर्ड को नोटिस जारी किया है। इस अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि टॉप अदालत के आदेश के बाद भी बोर्ड जांची जा चुकी उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए छात्रों से 1200 रुपए की फीस वसूल रहा है।

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न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने अवमानना याचिका पर बोर्ड को छह सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि बोर्ड जानबूझ कर शीर्ष अदालत के निर्देशों की अवज्ञा कर रहा है।

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बता दें कि 2016 में कहा गया था कि बोर्ड को उसके 2011 के फैसले का पालन करना चाहिए कि सूचना के अधिकार कानून के तहत छात्रों को अपनी जांच गई उत्तर पुस्तिकाओं देखने का मौलिक और कानूनी अधिकार है।

 
याचिका में दावा किया गया है कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद बोर्ड ने एक अधिसूचना प्रकाशित कर जांची गई उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए क्रमश: एक हजार रुपए और 1200 रुपए शुल्क निर्धारित किए हैं। याचिका में कहा गया है कि कोर्ट के निर्देशानुसार उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करने के लिए छात्रों से 2012 के आरटीआई नियमों के अंतर्गत निर्धारित शुल्क ही लिया जाना चाहिए।

 

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