EVM मुद्दे पर विरोधी दलों का नजरिया चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने का हिस्सा हैः सुशील मोदी

पटनाः उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि जब भाजपा जीतती है, तब लोग ईवीएम पर संदेह करते हैं, लेकिन जब कांग्रेस और दूसरे विरोधी दलों की जीत होती हैं, तब ईवीएम की जगह से बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करने वालों को सांप सूंघ जाता है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और हाल के चुनावों में कांग्रेस की तीन राज्यों में जीत के बाद कोई ईवीएम के खिलाफ ज्ञापन देने क्यों नहीं गया? विरोधी दलों में से किसी ने भी ईवीएम से छेड़छाड़ करने की चुनाव आयोग की चुनौती स्वीकार क्यों नहीं की? ईवीएम मुद्दे पर विरोधी दलों का नजरिया चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने की गहरी साजिश का हिस्सा है।

सुशील मोदी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार के हर बूथ पर ईवीएम को वीवीपैट से जोड़ने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का वादा कर निष्पक्ष चुनाव का भरोसा मजबूत किया है लेकिन जिन्होंने मतपत्र वाले चुनावी दौर में तेल पिलाई लाठियों के बल पर बूथ लूट कर 15 साल राज किया, वे अपनी लालटेन के साथ लोकतंत्र को फिर बैलेट युग को लौटाने के लिए चुनाव आयोग से व्याकुल याचनाएं कर रहे हैं। बिहार के हर गांव में एनडीए सरकार बिजली पहुंचा चुकी है और जनता ईवीएम से परिचित हो चुकी है। अब न बैलेट पेपर का जमाना लौटेगा, न लालटेन जलेगी।

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