श्रीलंका में राष्ट्रीय आपातकल घोषित, सीरियल ब्लास्ट में अब तक 290 लोगों की मौत

कोलंबोः  श्रीलंका में ईस्टर डे पर होटलों और गिरजाघरों में हुए 8 सीरियल ब्लास्ट में 290 लोगों की मौत के बाद कोलंबो में गम और खौफ का माहौल बना हुआ है। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने आज देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। इस बीच श्रीलंकाई सरकार ने पहली बार इन हमलों के लिए जिम्मेदार संगठन का नाम लिया है। सरकार के प्रवक्ता राजीथा सेनारत्ने ने सीरियल ब्लास्ट के लिए स्थानीय इस्लामी चरमपंथी संगठन नैशनल तौहीद जमात (NTJ) को जिम्मेदार ठहराया है। मृतकों में 6 भारतीय भी शामिल हैं। पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विस्फोटों में 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। गौरतलब है कि करीब एक दशक पहले देश में समाप्त हुए गृह युद्ध के बाद यह सबसे हिंसक घटना है।


धमाके ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी, पश्चिमी तटीय शहर नेगेंबो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और बट्टिकलोवा के एक चर्च में हुए। वहीं 4 अन्य विस्फोट पांच सितारा होटलों- शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी आदि में हुए। दोपहर के समय एक होटल व जू में भी विस्फोट हुए जिनमें कई लोगों की मौत हो गई।  इन हमलों की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन  ने नहीं ली है।

जानकारी के अनुसार  खास तौर पर भारतीयों को निशाना बना कर इन धमाकों को अंजाम दिया। धमाकों में 35 से अधिक विदेशियों मारे गए जिनमें 4 भारतीय भी शामिल हैं। कोलंबो अस्पताल ने 9 विदेशी नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। 'गल्फ न्यूज' की रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका के पुलिस प्रमुख ने 10 दिन पहले किसी बड़े हमले का इंटेलिजेंस इनपुट दिया था। इनपुट में कहा गया था कि फिदायीन हमलावर देश के प्रमुख चर्चों को निशाना बना सकते हैं। 


बता दें कि सोमवार आकोलंबो के मुख्य एयरपोर्ट के पास एक और जिंदा बम मिला है। श्रीलंका एयर फोर्स ने इस बम को सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया है।  इन बम विस्फोटों के मामले में अब तक 24  संदिग्धों को गिरफ्तार किया  गया है।  गिरफ्तार किए लोगों से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। और करीब 500 से ज्यादा जख्मी हुए।बम विस्फोटों के बाद देश में लगा अनिश्चितकालीन कर्फ्यू सोमवार को वापस ले लिया गया। पुलिस ने बताया कि श्रीलंकाई सरकार ने विस्फोटों के तुरंत बाद तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगाया था जिसे सोमवार सुबह छह बजे वापस ले लिया गया।  

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