ऑफ द रिकार्ड: शरद यादव राजद में होंगे शामिल, लालू ने दी मधेपुरा की सीट

नेशनल डेस्क:राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव बेशक जेल में हैं और जब वह मुख्यमंत्री और रेलमंत्री के पद पर थे तो उन्होंने जो गलत काम किए थे उनकी कीमत चुका रहे हैं लेकिन जब राजनीति की बात आती है तो वह लगातार एक अनुभवी और निडर नेता के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने इस बात को प्रमाणित भी कर दिया है कि बिहार में अब भी उनकी तूती बोलती है और वह भी तब जब भाजपा के विकल्प के रूप में बात हो। वह बॉस हैं। 


कांग्रेस और अन्य पार्टियां लालू के पुत्र तेजस्वी को इस बात के लिए लुभाने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं कि वह अन्य पार्टियों को उदारता के साथ लोकसभा की सीटें आबंटित करें ताकि महागठबंधन एकजुट रहे लेकिन लालू ने जेल से ही टिकट बांटने की कमान अपने हाथों में ले ली है और उन्होंने गठबंधन के घटकों को दृढ़ता के साथ बता दिया है कि उनको सीटों की मांग करते हुए वास्तविकता को देखना चाहिए। अब उनका यह स्पष्ट फैसला है कि अगर शरद यादव मधेपुरा सीट से चुनाव लडऩा चाहते हैं तो वह अपना मन बना लें कि चुनाव राजद के चुनाव चिन्ह पर ही लड़ेंगे। 

जद (यू) के नेता नीतीश कुमार से अलग होने के बाद शरद यादव ने अपनी पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल का गठन किया था। वह चाहते थे कि उनकी पार्टी को मधेपुरा सीट दी जाए। शरद यादव यह सीट राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के हाथों उस समय हार गए थे जब पप्पू ने राजद टिकट पर चुनाव लड़ा था। रोचक बात यह है कि पप्पू यादव ने भी राजद को छोड़ दिया और अपनी जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक का गठन किया। दोनों नेता महागठबंधन की टिकट पर मधेपुरा से चुनाव लड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह गठबंधन बिहार में 2015 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक पार्टियों को लेकर बनाया गया था। 

बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से अब राजद 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और मधेपुरा सीट राजद के कोटे में जाएगी। राजद यह सीट कांग्रेस के लिए छोडऩे की इच्छुक नहीं है क्योंकि पप्पू यादव की पत्नी रंजीता रंजन कांग्रेस की लोकसभा सदस्या हैं। बताया जाता है कि शरद यादव अब दबाव में झुक गए हैं और वह राजद टिकट पर चुनाव लड़ने को तैयार हैं। विरोधी कैंप जद (यू) भी भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने चुनावी समझौते के तहत इस बार मधेपुरा सीट से चुनाव लड़ेगा। जद (यू) ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की। शत्रुघ्न सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कांग्रेस की टिकट पर पटना साहिब से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे। यह सीट राजद के खाते में गई है। अब ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि लालू को पटना साहिब सीट छोड़ने के लिए राजी किया जाए।

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