अलगाववादियों के आहवान पर कश्मीर बंद , जनजीवन प्रभावित

श्रीनगर : कश्मीर में आतंकवादरोधी अभियान में नागरिकों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों ने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया जिसकी वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। अलगाववादियों के इस बंद को पूरा समर्थन मिला। घाटी और राज्य के अन्य जगहों पर दुकानें, सार्वजनिक परिवहन, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रहें। घाटी में गुरुवार को दो मुठभेड़ों में कुल नौ लोग मारे गए। पांच आतंकवादियों, दो नागरिकों के मारे जाने के साथ ही दो जवान भी शहीद हो गए। 

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सैयद अली शाह गिलानी, मीरवायज उमर फारूक और यासीन मलिक की अगुवाई वाले जेआरएल (संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व) ने सुरक्षा एजेंसियों के हाथों निर्दोष कश्मीरी लोगों के मारे जाने का आरोप लगाते हुए बंद का आह्वान किया। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने एहितयात के तौरा पर स्कूल और कॉलेज बंद करने के आदेश दिए हंै। आज होने वाली स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा भी कश्मीर विश्वविद्यालय द्वारा रद्द कर दी गई। श्रीनगर और अन्य जिलों के संवेदनशील इलाकों में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) के जवानों की भारी तैनाती की गई है।


अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में अधिकतर दुकानें, पेट्रोल पम्प और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।   उन्होंने बताया कि सडक़ों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहेए लेकिन कुछ निजी कारेंए कैब और ऑटो रिक्शा कुछ इलाकों में चलते नजर आएं। प्रशासन ने बंद के मद्देनजर एहतियाती तौर पर स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों से भी बंद की इसी तरह की खबरें आ रही हैं। इस बीच नागरिकों और आतंकवादियों के मारे जाने के विरोध में अलगाववादियों के शुक्रवार के हड़ताल के आह्वान को देखते हुए कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू), केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर (सीयूके) तथा इस्लामिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आईयूएसटी) की सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है जबकि घाटी के अन्य शैक्षणिक संस्थानों में किसी प्रकार की कक्षाएं नहीं आयोजित की जायेंगी।  
 

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